📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michal Klajban
शिक्षा
न्यूज़ीलैंड ने भारतीय छात्रों के लिए छह महीने का ओपन वर्क वीज़ा शुरू किया
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 16 सित. 2026, 08:45 AM
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न्यूज़ीलैंड ने भारतीय स्नातकों के लिए पोस्ट‑स्टडी वीज़ा नियम बदलकर छह महीने का ओपन वर्क वीज़ा दिया है।
न्यूज़ीलैंड ने भारतीय छात्रों के लिए पोस्ट‑स्टडी वर्क वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत, मान्य शैक्षणिक कोर्स पूरा करने वाले भारतीय स्नातकों को छह महीने का ओपन वर्क वीज़ा मिलेगा, जिससे उन्हें नौकरी का प्रस्ताव मिलने से पहले ही काम करने की अनुमति होगी।
पहले जहाँ ग्रेजुएट को वीज़ा मिलने के लिए नियोक्ता का समर्थन आवश्यक था, अब यह शर्त हटा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम भारतीय प्रतिभा को आकर्षित करने और कुछ प्रमुख क्षेत्रों में कौशल की कमी को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है।
शिक्षा सलाहकारों का अनुमान है कि इस नई सुविधा के कारण भारतीय छात्रों की संख्या में वृद्धि होगी, क्योंकि अब वे अधिक लचीलापन के साथ कार्य अनुभव प्राप्त कर सकते हैं और दीर्घकालिक वीज़ा की ओर बढ़ सकते हैं।
इमिग्रेशन मंत्रालय ने बताया कि आवेदकों को सामान्य पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा, जैसे न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और पर्याप्त वित्तीय साधन, जिसके बाद ओपन वर्क वीज़ा जारी किया जाएगा।
इस बदलाव के प्रभाव को लेकर दोनों पक्ष—न्यूज़ीलैंड की श्रम बाजार और भारतीय छात्र समुदाय—नज़र रख रहे हैं, जो पिछले कई वर्षों में लगातार बढ़ता गया है।
पहले जहाँ ग्रेजुएट को वीज़ा मिलने के लिए नियोक्ता का समर्थन आवश्यक था, अब यह शर्त हटा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम भारतीय प्रतिभा को आकर्षित करने और कुछ प्रमुख क्षेत्रों में कौशल की कमी को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है।
शिक्षा सलाहकारों का अनुमान है कि इस नई सुविधा के कारण भारतीय छात्रों की संख्या में वृद्धि होगी, क्योंकि अब वे अधिक लचीलापन के साथ कार्य अनुभव प्राप्त कर सकते हैं और दीर्घकालिक वीज़ा की ओर बढ़ सकते हैं।
इमिग्रेशन मंत्रालय ने बताया कि आवेदकों को सामान्य पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा, जैसे न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और पर्याप्त वित्तीय साधन, जिसके बाद ओपन वर्क वीज़ा जारी किया जाएगा।
इस बदलाव के प्रभाव को लेकर दोनों पक्ष—न्यूज़ीलैंड की श्रम बाजार और भारतीय छात्र समुदाय—नज़र रख रहे हैं, जो पिछले कई वर्षों में लगातार बढ़ता गया है।