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बिज़नेस
न्यूज़ीलैंड मंत्री ने भारत‑न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को अन्य देशों के लिए प्रेरणा कहा
✍️ Asianet Newsable
🗓 19 सित. 2026, 01:36 PM
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न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि हाल ही में समाप्त भारत‑न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता अन्य देशों के लिए मॉडल बन सकता है।
न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने भारत‑न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को "प्रेरणा" कहा, जो अन्य देशों के लिए आर्थिक सहयोग का मॉडल बन सकता है। उन्होंने एशियनट न्यूजएबल को बताया कि यह समझौता दोनों देशों के बाजारों को विस्तारित करने और इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक महत्व रखने में मदद करेगा।
यह समझौता 2022 में लागू हुआ, जिसमें कृषि उत्पादों से लेकर निर्मित सामान तक कई वस्तुओं पर टैरिफ़ घटाए या हटाए गए हैं, और वित्त, शिक्षा तथा पर्यटन जैसे सेवाओं के क्षेत्र में भी अवसर खुले हैं। दोनों सरकारें कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नियामक सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है।
मैक्ले ने कहा कि यह साझेदारी दिखाती है कि मध्यम आकार की अर्थव्यवस्थाएँ नियम‑आधारित व्यापार पर कैसे सहयोग कर सकती हैं, और अन्य राष्ट्रों को समान समझौते करने के लिए एक टेम्पलेट प्रदान करती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह समझौता निवेश को बढ़ावा देगा, रोजगार सृजन करेगा और भारत‑न्यूज़ीलैंड के बीच लोगों के संपर्क को गहरा करेगा।
यह बयान दोनों देशों के बीच हरित प्रौद्योगिकी और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में आगे सहयोग की संभावनाओं के साथ आया है, जो एक अधिक एकीकृत क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की दिशा में संकेत देता है।
यह समझौता 2022 में लागू हुआ, जिसमें कृषि उत्पादों से लेकर निर्मित सामान तक कई वस्तुओं पर टैरिफ़ घटाए या हटाए गए हैं, और वित्त, शिक्षा तथा पर्यटन जैसे सेवाओं के क्षेत्र में भी अवसर खुले हैं। दोनों सरकारें कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नियामक सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है।
मैक्ले ने कहा कि यह साझेदारी दिखाती है कि मध्यम आकार की अर्थव्यवस्थाएँ नियम‑आधारित व्यापार पर कैसे सहयोग कर सकती हैं, और अन्य राष्ट्रों को समान समझौते करने के लिए एक टेम्पलेट प्रदान करती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह समझौता निवेश को बढ़ावा देगा, रोजगार सृजन करेगा और भारत‑न्यूज़ीलैंड के बीच लोगों के संपर्क को गहरा करेगा।
यह बयान दोनों देशों के बीच हरित प्रौद्योगिकी और डिजिटल व्यापार जैसे क्षेत्रों में आगे सहयोग की संभावनाओं के साथ आया है, जो एक अधिक एकीकृत क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की दिशा में संकेत देता है।