📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sahriar ahmed tasvir
विज्ञान
मणिपुर के सामान्य रसोई जड़ी‑बूटी से मिली नई पौधे की प्रजाति
✍️ Hub News
🗓 28 सित. 2026, 05:38 PM
👁 14
मणिपुर में रसोई में इस्तेमाल होने वाली जड़ी‑बूटी को वैज्ञानिकों ने नई पौधे की प्रजाति बताया है।
मणिपुर के वनस्पति सर्वेक्षण में शामिल वैज्ञानिकों ने बताया कि कई घरों में इस्तेमाल होने वाली जड़ी‑बूटी एक नई, अज्ञात प्रजाति है। विस्तृत रूप‑रचना अध्ययन और डीएनए परीक्षण ने इसे ज्ञात प्रजातियों से अलग साबित किया।
यह जड़ी‑बूटी राज्य के विभिन्न गांवों में उगाई जाती है और अपने सुगंधित पत्तों के लिए जानी जाती है। प्रयोगशाला में पत्तियों के आकार और बीजों की संरचना में अनोखे लक्षण मिले, जो किसी भी मौजूदा वर्गीकरण में नहीं मिलते, इसलिए इसे नई प्रजाति माना गया।
यह खोज भारत की जैव विविधता में एक नया अध्याय जोड़ती है और पारम्परिक ज्ञान के वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पौधे में पाक या औषधीय उपयोग की संभावना हो सकती है, परन्तु इसके गुणों की पुष्टि हेतु आगे के अनुसंधान आवश्यक हैं।
प्राधिकरण इस पौधे के आवास का मानचित्रण करेंगे और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर उसके प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा करेंगे, ताकि बढ़ते पर्यावरणीय दबाव के बीच इसका संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
यह जड़ी‑बूटी राज्य के विभिन्न गांवों में उगाई जाती है और अपने सुगंधित पत्तों के लिए जानी जाती है। प्रयोगशाला में पत्तियों के आकार और बीजों की संरचना में अनोखे लक्षण मिले, जो किसी भी मौजूदा वर्गीकरण में नहीं मिलते, इसलिए इसे नई प्रजाति माना गया।
यह खोज भारत की जैव विविधता में एक नया अध्याय जोड़ती है और पारम्परिक ज्ञान के वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पौधे में पाक या औषधीय उपयोग की संभावना हो सकती है, परन्तु इसके गुणों की पुष्टि हेतु आगे के अनुसंधान आवश्यक हैं।
प्राधिकरण इस पौधे के आवास का मानचित्रण करेंगे और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर उसके प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा करेंगे, ताकि बढ़ते पर्यावरणीय दबाव के बीच इसका संरक्षण सुनिश्चित हो सके।