📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / W. Bulach
विज्ञान
उत्तरी पश्चिमी घाट में नई कैसिलियन प्रजाति की खोज, जैव विविधता में वृद्धि
✍️ The Times of India
🗓 03 अक्टू. 2026, 04:17 AM
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वैज्ञानिकों ने उत्तरी पश्चिमी घाट में एक नई कैसिलियन उभयचर प्रजाति की पहचान की, जिससे इस क्षेत्र की जैव विविधता की महत्ता बढ़ी।
उत्तरी पश्चिमी घाट में किए गए वन्यजीव सर्वेक्षण के दौरान एक हर्पेटोलॉजिस्ट टीम ने एक नई कैसिलियन प्रजाति की खोज की, जो बिना पैर वाला एक उभयचर है और गीले मिट्टी व पत्तियों के नीचे रहता है। यह नमूना महाराष्ट्र‑कर्नाटक सीमा के निकट एक वन्य घाटी से प्राप्त हुआ और प्रारंभिक रूपरेखा विश्लेषण से पता चला कि यह किसी ज्ञात प्रजाति से अलग है।
कैसिलियन को स्वस्थ भूमिगत पारिस्थितिकी तंत्र के संकेतक माना जाता है। इस नई प्रजाति के जोड़ से पश्चिमी घाट में ज्ञात कैसिलियन की संख्या बढ़ी है और अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण मानकों के तहत इस क्षेत्र को जैव विविधता हॉटस्पॉट के रूप में पुनः पुष्टि मिली है।
यह खोज घाट के संवेदनशील वनस्थल की सुरक्षा और आगे के वर्गीकरण अनुसंधान की आवश्यकता को रेखांकित करती है, जहाँ भारत की कई अंतर्स्थानीय जीव‑पौधे पाए जाते हैं। संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की खोजें वनमिट्टी के संरक्षण के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता आकर्षित कर सकती हैं।
कैसिलियन को स्वस्थ भूमिगत पारिस्थितिकी तंत्र के संकेतक माना जाता है। इस नई प्रजाति के जोड़ से पश्चिमी घाट में ज्ञात कैसिलियन की संख्या बढ़ी है और अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण मानकों के तहत इस क्षेत्र को जैव विविधता हॉटस्पॉट के रूप में पुनः पुष्टि मिली है।
यह खोज घाट के संवेदनशील वनस्थल की सुरक्षा और आगे के वर्गीकरण अनुसंधान की आवश्यकता को रेखांकित करती है, जहाँ भारत की कई अंतर्स्थानीय जीव‑पौधे पाए जाते हैं। संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की खोजें वनमिट्टी के संरक्षण के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता आकर्षित कर सकती हैं।