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08 नव. 2026•
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वीबीआर की नई पुस्तक में नेटाजी और नेहरू के बीच विरोध का सत्य उजागर
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anthony Levrot
राजनीति

वीबीआर की नई पुस्तक में नेटाजी और नेहरू के बीच विरोध का सत्य उजागर

✍️ eNewsroom India 🗓 12 अक्टू. 2026, 10:46 AM 👁 47
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इतिहासकार वीबीआर ने एक नई पुस्तक जारी की है, जिसमें नेटाजी सुभाष चंद्र बोस के नेहरू के प्रति विरोध के दावों की जांच की गई है।

इतिहासकार वीबीआर ने एक नई पुस्तक प्रकाशित की है, जिसमें सुभाष चंद्र बोस के जवाहरलाल नेहरू के प्रति रुख पर बहस को गहराई से जांचा गया है। पुस्तक में पत्र, भाषण और समकालीन रिपोर्टों की समीक्षा करके यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि क्या बोस ने नेहरू के प्रति विरोध व्यक्त किया या उनका राजनीतिक दृष्टिकोण अलग था।

परिचय में वीबीआर बताते हैं कि आम धारणाएँ दोनों नेताओं को वैचारिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश करती हैं, परन्तु उपलब्ध साक्ष्य टुकड़े‑टुकड़े और अक्सर विरोधाभासी हैं। बोस के सार्वजनिक बयानों को निजी संवादों से मिलाकर लेखक मिथकों को दस्तावेज़ित तथ्यों से अलग करने का प्रयास करते हैं।

यह प्रकाशन भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं पर बढ़ती शैक्षणिक रुचि के बीच आया है, और पाठकों को उस दौर की आंतरिक गतिशीलता को पुनः परिभाषित करने का अवसर प्रदान करता है।

पुस्तक प्रमुख भारतीय बुकस्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर अगले सप्ताह उपलब्ध होगी, और वीबीआर ने इतिहासकारों व आम जनता के साथ अपने निष्कर्षों पर चर्चा करने के लिए कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है।
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