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मौसम
भारी बाढ़ के बाद नेपाल को पुनर्निर्माण में जीडीपी का लगभग 10% खर्च करना पड़ेगा
✍️ The Times of India
🗓 29 अग. 2026, 02:40 PM
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हाल ही में नेपाल में आई तबाहीकारी बाढ़ के बाद अनुमानित पुनर्निर्माण खर्च देश की अर्थव्यवस्था के लगभग 10% के बराबर है।
भारी मानसून की बारिशों ने नेपाल में व्यापक बाढ़ ला दी, जिससे घर, बुनियादी ढाँचा और कृषि भूमि को गंभीर क्षति पहुँची। अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पुनर्निर्माण खर्च देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग दस प्रतिशत तक पहुँच सकता है, जो आपदा के पैमाने को दर्शाता है।
सरकार ने आपातकालीन राहत कार्य शुरू कर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पुनर्प्राप्ति के लिए सहायता पैकेज तैयार किए हैं। कई जिलों में सड़कों, पुलों और विद्युत लाइनों को नुकसान पहुँचा है, जिससे राहत कार्य और सामान्य जीवन दोनों में बाधा उत्पन्न हुई है।
अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि इतना बड़ा वित्तीय भार नेपाल की सार्वजनिक वित्तीय स्थिति को तनावपूर्ण बना सकता है, जिससे विकास परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है। वित्तीय अंतर को पाटने के लिए सरकार अंतरराष्ट्रीय दाताओं और बहुपक्षीय संस्थानों से अतिरिक्त फंडिंग की उम्मीद कर रही है।
स्थानीय समुदायों को आजीविका का नुकसान सहना पड़ रहा है, क्योंकि खेतों में पानी जमा हो गया है और फसलें बिखर गई हैं। पुनर्वास योजना में मजबूत बुनियादी ढाँचा बनाना और विस्थापित परिवारों को अस्थायी आश्रय प्रदान करना शामिल होगा।
स्थिति अभी भी बदलती रहती है; अधिकारी आगे की बारिश की निगरानी कर रहे हैं जिससे नुकसान में वृद्धि न हो, जबकि राहत दल प्रभावित जनसंख्या को भोजन, साफ़ पानी और चिकित्सा सहायता वितरित कर रहे हैं।
सरकार ने आपातकालीन राहत कार्य शुरू कर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पुनर्प्राप्ति के लिए सहायता पैकेज तैयार किए हैं। कई जिलों में सड़कों, पुलों और विद्युत लाइनों को नुकसान पहुँचा है, जिससे राहत कार्य और सामान्य जीवन दोनों में बाधा उत्पन्न हुई है।
अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि इतना बड़ा वित्तीय भार नेपाल की सार्वजनिक वित्तीय स्थिति को तनावपूर्ण बना सकता है, जिससे विकास परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है। वित्तीय अंतर को पाटने के लिए सरकार अंतरराष्ट्रीय दाताओं और बहुपक्षीय संस्थानों से अतिरिक्त फंडिंग की उम्मीद कर रही है।
स्थानीय समुदायों को आजीविका का नुकसान सहना पड़ रहा है, क्योंकि खेतों में पानी जमा हो गया है और फसलें बिखर गई हैं। पुनर्वास योजना में मजबूत बुनियादी ढाँचा बनाना और विस्थापित परिवारों को अस्थायी आश्रय प्रदान करना शामिल होगा।
स्थिति अभी भी बदलती रहती है; अधिकारी आगे की बारिश की निगरानी कर रहे हैं जिससे नुकसान में वृद्धि न हो, जबकि राहत दल प्रभावित जनसंख्या को भोजन, साफ़ पानी और चिकित्सा सहायता वितरित कर रहे हैं।