📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Synamatics
टेक्नोलॉजी
एनडीटीवी प्रॉफिट के साप्ताहिक शो में भारत के फ़ोन निर्माण पर प्रकाश
✍️ NDTV Profit
🗓 30 अग. 2026, 04:48 AM
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एनडीटीवी प्रॉफिट के ‘द वीक इन व्हायज़’ कार्यक्रम ने भारत में निर्मित स्मार्टफ़ोन, भारतीय दर्शकों को दिखाए गए विज्ञापन और अमेरिकी कीमतों की तुलना पर चर्चा की।
एनडीटीवी प्रॉफिट के साप्ताहिक विश्लेषण श्रृंखला “द वीक इन व्हायज़” ने हालिया एपिसोड में भारतीय स्मार्टफ़ोन निर्माण क्षेत्र को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। इस भाग में बताया गया कि घरेलू कारखानों से विभिन्न प्रकार के हैंडसेट स्थानीय बाजार में उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे भारत की वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में बढ़ती भूमिका स्पष्ट होती है।
कार्यक्रम ने भारतीय दर्शकों को टेलीविज़न और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर दिखाए गए विज्ञापनों की भी समीक्षा की, जिसमें ब्रांड संदेश और मीडिया खर्च में चल रहे रुझानों को उजागर किया गया। जबकि विशिष्ट विज्ञापन उदाहरण नहीं दिए गए, रिपोर्ट में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों अभियानों का मिश्रण दिखाया गया।
एक संक्षिप्त तुलना में समान उपकरणों की कीमतों को संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच तुलना किया गया। विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय उपभोक्ताओं को कम उत्पादन लागत के कारण लाभ मिलता है, हालांकि सटीक मूल्य अंतर नहीं बताया गया।
समग्र रूप से, इस एपिसोड ने निर्माण उत्पादन, मीडिया उपभोग और मूल्य निर्धारण की गतिशीलता का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया, जो भारत में प्रौद्योगिकी, विज्ञापन और उपभोक्ता अर्थव्यवस्था के आपसी संबंध को दर्शाता है।
कार्यक्रम ने भारतीय दर्शकों को टेलीविज़न और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर दिखाए गए विज्ञापनों की भी समीक्षा की, जिसमें ब्रांड संदेश और मीडिया खर्च में चल रहे रुझानों को उजागर किया गया। जबकि विशिष्ट विज्ञापन उदाहरण नहीं दिए गए, रिपोर्ट में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों अभियानों का मिश्रण दिखाया गया।
एक संक्षिप्त तुलना में समान उपकरणों की कीमतों को संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच तुलना किया गया। विश्लेषण से पता चलता है कि भारतीय उपभोक्ताओं को कम उत्पादन लागत के कारण लाभ मिलता है, हालांकि सटीक मूल्य अंतर नहीं बताया गया।
समग्र रूप से, इस एपिसोड ने निर्माण उत्पादन, मीडिया उपभोग और मूल्य निर्धारण की गतिशीलता का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया, जो भारत में प्रौद्योगिकी, विज्ञापन और उपभोक्ता अर्थव्यवस्था के आपसी संबंध को दर्शाता है।