📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Video13
टेक्नोलॉजी
पीएनसीडब्ल्यू ने पंजाब में ‘यशोदा एआई’ पहल शुरू की, महिलाओं को डिजिटल सशक्तिकरण
✍️ thepublicworld.com
🗓 19 अग. 2026, 06:18 PM
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने पंजाब में ‘यशोदा एआई’ पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य महिलाओं की डिजिटल साक्षरता और रोजगार संभावनाओं को बढ़ाना है।
नई दिल्ली – राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने पंजाब में ‘यशोदा एआई’ पहल का आधिकारिक शुभारंभ किया, जिससे महिलाओं की डिजिटल क्षमताओं को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
‘यशोदा एआई’ एक कृत्रिम‑बुद्धिमत्ता‑आधारित मंच है, जो मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, कौशल‑विकास मॉड्यूल और मेंटरशिप प्रदान करेगा, जिससे महिलाएँ डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रवेश कर सकें। यह प्लेटफ़ॉर्म स्मार्टफ़ोन और कम‑बैंडविड्थ कनेक्शन के माध्यम से उपलब्ध होगा, जिससे शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को लाभ मिलेगा।
अधिकारी बताते हैं कि यह पहल केंद्र सरकार की डिजिटल समावेशन नीति के साथ तालमेल रखती है और अगले दो वर्षों में ई‑कॉमर्स, डेटा एंट्री और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में हजारों रोजगार‑तैयार महिलाओं को तैयार करने की उम्मीद है।
पहले चरण में पंजाब के प्रमुख जिलों में पायलट प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, उसके बाद पूरे राज्य में विस्तार किया जाएगा। इच्छुक महिलाएँ NCW की वेबसाइट या निर्धारित सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण कर सकती हैं।
उम्मीद है कि ‘यशोदा एआई’ न केवल व्यक्तिगत आजीविका में सुधार लाएगा, बल्कि अछूते प्रतिभा पूल को सक्रिय करके राज्य की समग्र आर्थिक वृद्धि में भी योगदान देगा।
‘यशोदा एआई’ एक कृत्रिम‑बुद्धिमत्ता‑आधारित मंच है, जो मुफ्त ऑनलाइन कोर्स, कौशल‑विकास मॉड्यूल और मेंटरशिप प्रदान करेगा, जिससे महिलाएँ डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रवेश कर सकें। यह प्लेटफ़ॉर्म स्मार्टफ़ोन और कम‑बैंडविड्थ कनेक्शन के माध्यम से उपलब्ध होगा, जिससे शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को लाभ मिलेगा।
अधिकारी बताते हैं कि यह पहल केंद्र सरकार की डिजिटल समावेशन नीति के साथ तालमेल रखती है और अगले दो वर्षों में ई‑कॉमर्स, डेटा एंट्री और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में हजारों रोजगार‑तैयार महिलाओं को तैयार करने की उम्मीद है।
पहले चरण में पंजाब के प्रमुख जिलों में पायलट प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, उसके बाद पूरे राज्य में विस्तार किया जाएगा। इच्छुक महिलाएँ NCW की वेबसाइट या निर्धारित सामुदायिक केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण कर सकती हैं।
उम्मीद है कि ‘यशोदा एआई’ न केवल व्यक्तिगत आजीविका में सुधार लाएगा, बल्कि अछूते प्रतिभा पूल को सक्रिय करके राज्य की समग्र आर्थिक वृद्धि में भी योगदान देगा।