📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Education
देश
एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में शामिल करेगा समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र; भ्रामक खबरों का खंडन
✍️ Amar Ujala
🗓 27 जून 2026, 04:21 PM
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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) छात्रों के लिए समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र पर पाठ शामिल करेगा। परिषद ने अपने पाठ्यक्रम में बदलावों को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों का भी खंडन किया है।
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने छात्र पाठ्यक्रम में समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के विस्तृत अध्ययन को शामिल करने की योजना की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य छात्रों को इन मौलिक अवधारणाओं की व्यापक समझ प्रदान करना है।
एक संबंधित घटनाक्रम में, एनसीईआरटी ने अपनी शैक्षिक सामग्री और संशोधनों के संबंध में प्रसारित हो रही भ्रामक सूचनाओं का खंडन करने और उन्हें स्पष्ट करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है। परिषद ने इन भ्रामक रिपोर्टों को उजागर करने और उनका खंडन करने के लिए कदम उठाए हैं, जिससे इसकी शैक्षणिक पहलों की सार्वजनिक समझ में सटीकता सुनिश्चित हो सके।
पाठ्यक्रम में ये जोड़ और स्पष्टीकरण प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक विचारधाराओं के संबंध में छात्रों के बीच सूचित और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए एनसीईआरटी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
एक संबंधित घटनाक्रम में, एनसीईआरटी ने अपनी शैक्षिक सामग्री और संशोधनों के संबंध में प्रसारित हो रही भ्रामक सूचनाओं का खंडन करने और उन्हें स्पष्ट करने के लिए सक्रिय रूप से काम किया है। परिषद ने इन भ्रामक रिपोर्टों को उजागर करने और उनका खंडन करने के लिए कदम उठाए हैं, जिससे इसकी शैक्षणिक पहलों की सार्वजनिक समझ में सटीकता सुनिश्चित हो सके।
पाठ्यक्रम में ये जोड़ और स्पष्टीकरण प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक विचारधाराओं के संबंध में छात्रों के बीच सूचित और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए एनसीईआरटी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।