अपराध
नवादा प्रशासन ने जारी की साइबर सुरक्षा चेतावनी: UPI फ्रॉड से बचें, PIN न डालें
नवादा के जिला प्रशासन ने नागरिकों को UPI पेमेंट फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि साइबर अपराधी पैसे प्राप्त करने के नाम पर पेमेंट रिक्वेस्ट भेजते हैं, जिससे बैंक खाते से रकम निकाल ली जाती है।
5 नवंबर 2026 को नवादा के जिला प्रशासन ने डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच UPI फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता श्रृंखला के दूसरे दिन (Day‑02) एक चेतावनी जारी की।
साइबर अपराधी सामान की डिलीवरी, ऑनलाइन खरीद‑बिक्री, रिफंड, कैशबैक और पुरस्कार मिलने का झांसा देकर पेमेंट रिक्वेस्ट भेजते हैं। कई लोग इसे पैसे मिलने की प्रक्रिया समझकर अपना UPI PIN दर्ज कर देते हैं, जिसके बाद उनके बैंक खाते से रकम निकाल ली जाती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि UPI के जरिए पैसे भेजने (Send Money) और प्राप्त करने (Receive Money) की प्रक्रिया में अंतर समझना आवश्यक है। किसी अनजान व्यक्ति की पेमेंट रिक्वेस्ट को बिना जांचे स्वीकार नहीं करना चाहिए। पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है। साथ ही, UPI PIN, OTP या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और रिफंड, कैशबैक व पुरस्कार के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक एवं QR कोड से भी सावधान रहें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक करना और डिजिटल लेन‑देन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी से बचाना है।
साइबर अपराधी सामान की डिलीवरी, ऑनलाइन खरीद‑बिक्री, रिफंड, कैशबैक और पुरस्कार मिलने का झांसा देकर पेमेंट रिक्वेस्ट भेजते हैं। कई लोग इसे पैसे मिलने की प्रक्रिया समझकर अपना UPI PIN दर्ज कर देते हैं, जिसके बाद उनके बैंक खाते से रकम निकाल ली जाती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि UPI के जरिए पैसे भेजने (Send Money) और प्राप्त करने (Receive Money) की प्रक्रिया में अंतर समझना आवश्यक है। किसी अनजान व्यक्ति की पेमेंट रिक्वेस्ट को बिना जांचे स्वीकार नहीं करना चाहिए। पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है। साथ ही, UPI PIN, OTP या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और रिफंड, कैशबैक व पुरस्कार के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक एवं QR कोड से भी सावधान रहें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक करना और डिजिटल लेन‑देन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी से बचाना है।