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नवादा में पंचायत प्रतिनिधियों के लिए वरिष्ठ नागरिक अधिकार एवं सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
25 अगस्त 2026 को केएलएस कॉलेज, नवादा में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, सुरक्षा और कल्याण पर पंचायत प्रतिनिधियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
25 अगस्त 2026 को केएलएस कॉलेज, नवादा में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, सुरक्षा और कल्याण को लेकर पंचायत जन प्रतिनिधियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिनिधियों को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा और कानूनी सहायता की जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे अपने क्षेत्र के बुजुर्गों को आवश्यक सहायता और योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग कर सकें।
कार्यक्रम में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक अमरनाथ कुमार ने माता‑पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण‑पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रमुख प्रावधानों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार है और उनका भरण‑पोषण परिवार की जिम्मेदारी के साथ‑साथ कानूनी दायित्व भी है।
यदि किसी वरिष्ठ नागरिक को पुत्र, पुत्रवधू या अन्य परिवार सदस्य द्वारा प्रताड़ित किया जाता है या उचित भरण‑पोषण नहीं दिया जाता, तो वे संबंधित प्राधिकारी के समक्ष शिकायत कर सकते हैं और अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं। वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन 14567 की जानकारी भी दी गई, जिससे जरूरत पड़ने पर सहायता, मार्गदर्शन और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।
पंचायत प्रतिनिधियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और उन्हें पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया में सहायता करने और लाभ प्राप्त करने तक सहयोग करने का निर्देश दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि ने निःशुल्क कानूनी सहायता एवं विधिक परामर्श की उपलब्धता पर प्रकाश डाला और जरूरतमंद बुजुर्गों को यह सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील की।
वक्ताओं ने कहा कि पंचायत जन प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, सम्मानजनक जीवन और कल्याण सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक अमरनाथ कुमार ने माता‑पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण‑पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रमुख प्रावधानों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार है और उनका भरण‑पोषण परिवार की जिम्मेदारी के साथ‑साथ कानूनी दायित्व भी है।
यदि किसी वरिष्ठ नागरिक को पुत्र, पुत्रवधू या अन्य परिवार सदस्य द्वारा प्रताड़ित किया जाता है या उचित भरण‑पोषण नहीं दिया जाता, तो वे संबंधित प्राधिकारी के समक्ष शिकायत कर सकते हैं और अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं। वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन 14567 की जानकारी भी दी गई, जिससे जरूरत पड़ने पर सहायता, मार्गदर्शन और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।
पंचायत प्रतिनिधियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई और उन्हें पात्र वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया में सहायता करने और लाभ प्राप्त करने तक सहयोग करने का निर्देश दिया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि ने निःशुल्क कानूनी सहायता एवं विधिक परामर्श की उपलब्धता पर प्रकाश डाला और जरूरतमंद बुजुर्गों को यह सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील की।
वक्ताओं ने कहा कि पंचायत जन प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, सम्मानजनक जीवन और कल्याण सुनिश्चित करना था।