स्थानीय
नवादा में कन्या शिशु जन्म उत्सव का शुभारंभ, मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत बेटियों के सम्मान को बढ़ावा
मंगलवार को नवादा के सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोह में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के अंतर्गत कन्या शिशु जन्म उत्सव कार्यक्रम का आरम्भ हुआ, जिसमें परिवारों को बेटियों के प्रति सम्मान और समान अधिकारों के महत्व पर जागरूक किया गया।
नवादा में मंगलवार को सदर अस्पताल नवादा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोह में कन्या शिशु जन्म उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जो महिला एवं बाल विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना का हिस्सा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य कन्या शिशु के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना, बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा समाज में बेटियों के जन्म को सम्मान और प्रोत्साहन देना है। इस दौरान परिवार एवं समुदाय को संदेश दिया गया कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं तथा उन्हें जन्म से ही सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकार मिलना चाहिए।
कन्या शिशु जन्म उत्सव कार्यक्रम 15 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक जिले के सभी 14 प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जन्म से तीन माह तक की कन्या शिशुओं के साथ जन्मोत्सव मनाया जाएगा, साथ ही उनके अभिभावकों को बालिका के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। नवजात कन्या शिशुओं को बेबी किट भी वितरित की जाएगी और अभिभावकों को बालिकाओं के समुचित पालन‑पोषण एवं विकास के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज में व्याप्त नकारात्मक धारणाओं और भेदभाव को दूर करने तथा लिंग समानता, बालिका सम्मान और अधिकारों के प्रति जन‑जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। आम लोगों से अपील की गई कि वे कन्या भ्रूण हत्या और बालिकाओं के प्रति किसी भी प्रकार के भेदभाव का विरोध करें, बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराएं तथा उनके जन्म को गर्व और उत्सव के रूप में स्वीकार करते हुए बालिकाओं के लिए सकारात्मक एवं सम्मानजनक वातावरण के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का उद्देश्य कन्या शिशु के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना, बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा समाज में बेटियों के जन्म को सम्मान और प्रोत्साहन देना है। इस दौरान परिवार एवं समुदाय को संदेश दिया गया कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं तथा उन्हें जन्म से ही सम्मान, सुरक्षा और समान अधिकार मिलना चाहिए।
कन्या शिशु जन्म उत्सव कार्यक्रम 15 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक जिले के सभी 14 प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जन्म से तीन माह तक की कन्या शिशुओं के साथ जन्मोत्सव मनाया जाएगा, साथ ही उनके अभिभावकों को बालिका के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। नवजात कन्या शिशुओं को बेबी किट भी वितरित की जाएगी और अभिभावकों को बालिकाओं के समुचित पालन‑पोषण एवं विकास के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज में व्याप्त नकारात्मक धारणाओं और भेदभाव को दूर करने तथा लिंग समानता, बालिका सम्मान और अधिकारों के प्रति जन‑जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। आम लोगों से अपील की गई कि वे कन्या भ्रूण हत्या और बालिकाओं के प्रति किसी भी प्रकार के भेदभाव का विरोध करें, बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराएं तथा उनके जन्म को गर्व और उत्सव के रूप में स्वीकार करते हुए बालिकाओं के लिए सकारात्मक एवं सम्मानजनक वातावरण के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।