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नवादा में जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर युवा उत्सव 2026 का किया शुभारंभ
बिहार के नवादा जिले में कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय युवा उत्सव 2026 का शुभारंभ जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश ने किया। इस अवसर पर युवाओं की कलात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने पर बल दिया गया।
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार तथा जिला प्रशासन नवादा के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को केएलएस कॉलेज स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में जिला स्तरीय युवा उत्सव 2026 का शुभारंभ जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। यह दो दिवसीय उत्सव 29 एवं 30 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है।
उत्सव का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा कला, संगीत और अन्य प्रदर्शन कलाओं को प्रोत्साहित करना है। पहले दिन समूह लोक नृत्य, समूह लोकगीत एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जबकि 30 अक्टूबर को नुक्कड़ नाटक, कविता लेखन एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, बल्कि उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि गायन, नृत्य, संगीत, चित्रकला एवं नाटक जैसी कलाएं सामाजिक बदलाव लाने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जिला पदाधिकारी ने कला के क्षेत्र में करियर निर्माण की व्यापक संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला और युवाओं को अपनी रुचि के आधार पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने की सलाह दी। उन्होंने बिहार सरकार की कलाकार पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कलाकारों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करें।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता, गोपनीय शाखा के पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, केएलएस कॉलेज के प्राचार्य सहित अन्य पदाधिकारी, प्रतिभागी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
उत्सव का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा कला, संगीत और अन्य प्रदर्शन कलाओं को प्रोत्साहित करना है। पहले दिन समूह लोक नृत्य, समूह लोकगीत एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जबकि 30 अक्टूबर को नुक्कड़ नाटक, कविता लेखन एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, बल्कि उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि गायन, नृत्य, संगीत, चित्रकला एवं नाटक जैसी कलाएं सामाजिक बदलाव लाने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा हमारी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जिला पदाधिकारी ने कला के क्षेत्र में करियर निर्माण की व्यापक संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला और युवाओं को अपनी रुचि के आधार पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने की सलाह दी। उन्होंने बिहार सरकार की कलाकार पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कलाकारों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की छिपी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करें।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता, गोपनीय शाखा के पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, केएलएस कॉलेज के प्राचार्य सहित अन्य पदाधिकारी, प्रतिभागी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।