🔥 ट्रेंडिंग रानीगंज थाना क्षेत्र में सड़क किनारे ग... બ્રહ્માણીનગરમાં 50 મીટર વિસ્તાર અંધકાર... જો કોઈ ઉમેદવાર સેવાની વચ્ચે રાજીનામું... कर्नाटक में तीसरे लिंग के मतदाता पंजीक... सरकार ने आज दिवाली बोनस घोषित किया, 14... राजस्थान की मोबाइल पशु चिकित्सा योजना...
06 नव. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
नवादा: हिसुआ में महादलित युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज, चार लोगों पर आरोप
अपराध

नवादा: हिसुआ में महादलित युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज, चार लोगों पर आरोप

✍️ रिपोर्टर: Ramlakhan Kumar 🗓 20 सित. 2026, 12:22 AM 👁 83
यहाँ देखें: ▶️ YouTube
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

हिसुआ के अरियन गांव में एक महादलित युवक के साथ मारपीट और मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है, जिसके बाद पीड़ित के पिता ने थाने में लिखित आवेदन दिया है।

नवादा जिले के हिसुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत अरियन गांव में एक महादलित युवक के साथ मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज, मोबाइल छीनने और बंधक बनाने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के संबंध में पीड़ित के पिता राजेश मांझी ने शनिवार को हिसुआ थाना अध्यक्ष को लिखित आवेदन सौंपकर चार नामजद व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन के अनुसार, घटना 19 सितंबर 2026 की दोपहर करीब 12 बजे की है, जब राजेश मांझी का पुत्र नितीश कुमार अपने घर के आंगन में धान की नाली काटकर जलाने के लिए इकट्ठा कर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान गांव के टुनी सिंह उर्फ अरविंद सिंह, गोपाल सिंह, अमित कुमार और फुटानी कुमार वहां पहुंचे और रास्ता अवरुद्ध करने का विवाद पैदा कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए नितीश के साथ मारपीट शुरू कर दी।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों से प्रहार किया, जिससे नितीश के सिर और गाल में गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। घटना के बाद आरोपी उसका मोबाइल छीनकर फरार हो गए। स्थानीय पुलिस के सहयोग से घायल युवक को इलाज के लिए हिसुआ स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नामजद आरोपी पूर्व के मामलों में समझौता करने और केस दबाने के लिए दबाव बना रहे हैं। पीड़ित के पिता ने थाना अध्यक्ष से परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। फिलहाल यह मामला पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए आवेदन पर आधारित है और पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो पाएगी।
📲Get App