🔥 TRENDING KPI Green Energy Secures ₹2025 Crore D... Airtel to Phase Out ₹50-₹100 Screen Gu... Tania Announces First International Fi... Suriya Shares Insights on Friendship w... The Times of India Unveils Official Te... AP Minister Satya Kumar Denies Congres...
30 Sep 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Crime

नवादा: 24 घंटे में जला शव के मामले का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

✍️ Reporter: Ramlakhan Kumar 🗓 30 Sep 2026, 02:58 AM 👁 12
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

नवादा जिले में पुलिस ने एक युवक के जलाए हुए शव के मामले में 24 घंटे के भीतर ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में हत्या की बात सामने आई है।

नवादा। नवादा जिले के परनाडावर थाना क्षेत्र अंतर्गत महुगाँय गांव स्थित एक बगीचे से 28 सितंबर 2026 को बरामद युवक के जले हुए शव के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक नवादा के नेतृत्व एवं एसडीपीओ रजौली के मार्गदर्शन में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी अनुसंधान और मानवीय सूचना तंत्र के आधार पर ब्लाइंड मर्डर केस का उद्भेदन करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, एक विधि-विरुद्ध किशोर को भी हिरासत में लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 28 सितंबर की सुबह करीब 7:30 बजे महुगाँय स्थित एक बगीचे में एक अज्ञात व्यक्ति का जला हुआ शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही परनाडावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव की पहचान शौफी कुमार (करीब 21 वर्ष), पिता महेंद्र चौहान, निवासी चंद्रवारा, थाना मेसकौर, जिला नवादा के रूप में की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया, जिसने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। मृतक के परिजनों के आवेदन पर परनाडावर थाना कांड संख्या 169/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

नवादा एसपी ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले के त्वरित उद्भेदन के लिए एसडीपीओ रजौली के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया। SIT ने तकनीकी सर्विलांस, वैज्ञानिक साक्ष्य और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद 29 सितंबर को परनाडावर थाना क्षेत्र के भोलापुर गांव से दो संदिग्धों को पकड़ा गया और थाना लाकर पूछताछ की गई।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सामने आया कि मृतक शौफी कुमार और आरोपियों के बीच पूर्व से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। मृतक ने पूर्व में आरोपियों को सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे, जिसके भुगतान को लेकर उनके बीच अनबन थी। घटना से एक दिन पहले, 27 सितंबर 2026 को शौफी कुमार ने आरोपियों से अपने नाम पर नए सिम कार्ड निकलवाने की बात कही थी, जिसके लिए 500 रुपये प्रति सिम देने की बात हुई थी। इसी दौरान पुराने सिम के बकाया भुगतान और नए लेनदेन को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद हत्या की घटना को अंजाम दिया गया और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को जलाने का प्रयास किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक-तकनीकी अनुसंधान के कारण घटना के 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया गया।
📲Get App