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14 Oct 2026•
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नारनौल अनाज मंडी में बाजरे की खरीद जारी, भावांतर भरपाई पर किसानों ने उठाए सवाल।

✍️ Reporter: राजेंद्र कुमार शर्मा 🗓 14 Oct 2026, 06:14 PM 👁 9
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मंडी के बाहर वाहनों की लंबी कतारें, गेट के अंदर 5 से 7 मिनट में मिल रहा गेट पास।

नारनौल। हरियाणा में बाजरे की खरीद लगातार जारी है। नारनौल की अनाज मंडी में बड़ी संख्या में किसान अपनी बाजरे की फसल लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी के बाहर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हालांकि, मंडी में प्रवेश के दौरान किसानों को कुछ समय इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन गेट के अंदर पहुंचने के बाद करीब 5 से 7 मिनट में गेट पास मिलने से प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेजी से आगे बढ़ रही है। वहीं, सरकार की ओर से घोषित 600 रुपये प्रति क्विंटल तक की भावांतर भरपाई को लेकर किसानों ने सवाल उठाए हैं। किसानों की मांग है कि बाजार भाव कम रहने की स्थिति में उन्हें वास्तविक अंतर के अनुसार भरपाई दी जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

600 रुपये की भरपाई पर किसानों ने जताई चिंता

किसानों का कहना है कि बाजरे का बाजार भाव कम रहने पर सरकार की ओर से दी जाने वाली भावांतर भरपाई की अधिकतम सीमा के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों के अनुसार, यदि बाजरे का बाजार भाव 2,400 रुपये प्रति क्विंटल रहता है और भावांतर भरपाई 500 रुपये मिलती है, तो कुल राशि 2,900 रुपये प्रति क्विंटल के बराबर होगी। वहीं, यदि बाजार भाव घटकर 2,200 रुपये प्रति क्विंटल रह जाता है और अंतर 700 रुपये बनता है, तो 600 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता मिलने की स्थिति में भी 100 रुपये का अंतर किसान को स्वयं वहन करना पड़ेगा। ऐसे में किसानों ने मांग की है कि बाजार भाव और निर्धारित मूल्य के बीच के अंतर की उचित भरपाई सुनिश्चित की जाए। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा और आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मंडी पहुंचकर सुनीं किसानों की समस्याएं

बाजरे की खरीद और भावांतर भरपाई के मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी कांग्रेस के महेंद्रगढ़ जिला अध्यक्ष और अन्य पार्टी नेताओं के साथ नारनौल अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर बाजरे की खरीद, बाजार भाव और भावांतर भरपाई से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। राव नरेंद्र सिंह ने मांग की कि बाजार भाव कम रहने की स्थिति में किसानों को अंतर के अनुसार उचित भरपाई दी जाए, ताकि उनकी आय पर प्रतिकूल असर न पड़े।

इस दौरान उन्होंने खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद मिलनी चाहिए, ताकि खेती से जुड़े कार्य प्रभावित न हों। कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं और मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कही।

मंडी में अब तक एक लाख क्विंटल बाजरे की खरीद

नारनौल मार्केट कमेटी के सचिव नुकुल यादव के अनुसार, अनाज मंडी में अब तक करीब एक लाख क्विंटल बाजरे की खरीद हो चुकी है। मंडी में लगभग 19 हजार किसानों ने पंजीकरण करवाया है, जिनमें से करीब 3,600 किसान अपनी फसल लेकर पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि मंडी में बाजरे का भाव लगभग 2,300 रुपये से 2,450 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है।

मार्केट कमेटी की ओर से किसानों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और मंडी में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रोस्टर प्रणाली लागू की गई है। इसका उद्देश्य किसानों के आगमन को व्यवस्थित रखना और एक साथ अधिक संख्या में वाहनों के पहुंचने से होने वाली अव्यवस्था को रोकना है।

किसानों को उचित भाव और राहत का इंतजार

नारनौल अनाज मंडी में बाजरे की खरीद के बीच किसानों की प्रमुख चिंता बाजार भाव और भावांतर भरपाई को लेकर बनी हुई है। किसान चाहते हैं कि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रहने के साथ-साथ उन्हें फसल के उचित मूल्य का लाभ भी मिले। अब देखना होगा कि भावांतर भरपाई को लेकर किसानों की मांगों पर सरकार क्या कदम उठाती है।
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