शिक्षा
निरंकाल: कातकरी समाज के महेश अंकुश पवार ने ITI की परीक्षा उत्तीर्ण कर गोवा के कातकरी समाज में ITI पास करने वाले पहले विद्यार्थी बनने का गौरव
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महेश को पिछले वर्ष आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के प्रमाणपत्र के आधार पर फर्मागुडी स्थित ITI में वेल्डर ट्रेड के एक वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला था। उसने एक वर्ष में यह
निरंकाल: कातकरी समाज के महेश अंकुश पवार ने ITI की परीक्षा उत्तीर्ण कर गोवा के कातकरी समाज में ITI पास करने वाले पहले विद्यार्थी बनने का गौरव हासिल किया है।
महेश को पिछले वर्ष आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के प्रमाणपत्र के आधार पर फर्मागुडी स्थित ITI में वेल्डर ट्रेड के एक वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला था। उसने एक वर्ष में यह पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर ITI की परीक्षा उत्तीर्ण की।
कोविड-19 महामारी के दौरान करीब दो वर्षों तक उसकी पढ़ाई बाधित रही और वह घर पर ही रहा। कोविड के बाद उसे लोटली स्थित एक विद्यालय में भेजा गया, लेकिन वहां का माहौल उसे पसंद नहीं आया और वह वापस घर लौट आया। इसके बाद उसका दाखिला निरंकाल के माध्यमिक विद्यालय में कराया गया, लेकिन वहां भी वह शिक्षा में अपेक्षित प्रगति नहीं कर सका।
पिछले वर्ष महेश को ITI में दाखिला दिलाया गया। अब उसके ITI उत्तीर्ण करने से उसके माता-पिता द्वारा किए गए प्रयास सफल साबित हुए हैं।
एक वर्षीय ITI पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद महेश अब प्लंबर ट्रेड में प्रवेश लेना चाहता है। दो वर्षीय ITI पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने की व्यवस्था के तहत वह एक और वर्ष ITI की पढ़ाई कर दसवीं की शिक्षा पूरी करना चाहता है। आगे भी पढ़ाई जारी रखने का संकल्प उसने व्यक्त किया है।
महेश की यह उपलब्धि कातकरी समाज के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है। उसकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक प्रगति हासिल की जा सकती है।
महेश को पिछले वर्ष आठवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के प्रमाणपत्र के आधार पर फर्मागुडी स्थित ITI में वेल्डर ट्रेड के एक वर्षीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला था। उसने एक वर्ष में यह पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर ITI की परीक्षा उत्तीर्ण की।
कोविड-19 महामारी के दौरान करीब दो वर्षों तक उसकी पढ़ाई बाधित रही और वह घर पर ही रहा। कोविड के बाद उसे लोटली स्थित एक विद्यालय में भेजा गया, लेकिन वहां का माहौल उसे पसंद नहीं आया और वह वापस घर लौट आया। इसके बाद उसका दाखिला निरंकाल के माध्यमिक विद्यालय में कराया गया, लेकिन वहां भी वह शिक्षा में अपेक्षित प्रगति नहीं कर सका।
पिछले वर्ष महेश को ITI में दाखिला दिलाया गया। अब उसके ITI उत्तीर्ण करने से उसके माता-पिता द्वारा किए गए प्रयास सफल साबित हुए हैं।
एक वर्षीय ITI पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद महेश अब प्लंबर ट्रेड में प्रवेश लेना चाहता है। दो वर्षीय ITI पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने की व्यवस्था के तहत वह एक और वर्ष ITI की पढ़ाई कर दसवीं की शिक्षा पूरी करना चाहता है। आगे भी पढ़ाई जारी रखने का संकल्प उसने व्यक्त किया है।
महेश की यह उपलब्धि कातकरी समाज के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है। उसकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक प्रगति हासिल की जा सकती है।