📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Mines
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एनएएलसी ने आंध्र प्रदेश में नई एल्यूमीनियम स्मेल्टर के लिए 4,000 एकड़ जमीन की खोज शुरू की
✍️ BigInfo.in
🗓 05 अक्टू. 2026, 05:01 AM
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राष्ट्रीय एल्यूमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) आंध्र प्रदेश में लगभग 4,000 एकड़ जमीन का सर्वे कर नई एल्यूमीनियम स्मेल्टर स्थापित करने की योजना बना रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
राष्ट्रीय एल्यूमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) ने आंध्र प्रदेश में नई एल्यूमीनियम स्मेल्टर के लिए उपयुक्त स्थल की पहचान करने की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी लगभग 4,000 एकड़ जमीन की खोज कर रही है, जो बड़े औद्योगिक परिसर और आवश्यक बुनियादी ढाँचे को समायोजित कर सके।
सूत्रों के अनुसार, यह भूमि खोज NALCO की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आयातित एल्यूमीनियम पर निर्भरता घटाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। प्रस्तावित स्मेल्टर में आधुनिक, ऊर्जा‑कुशल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे कंपनी के स्थिरता लक्ष्यों के साथ तालमेल रहेगा।
अभी तक कोई निश्चित स्थान तय नहीं हुआ है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा और सहायक उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल आंध्र प्रदेश की औद्योगिक विकास नीतियों के तहत भारी उद्योग निवेश को आकर्षित करने की दिशा में भी है।
NALCO ने भूमि अधिग्रहण या निर्माण की समयसीमा का खुलासा नहीं किया है, पर कंपनी ने कहा है कि व्यवहार्यता अध्ययन चल रहे हैं और आगे बढ़ने से पहले राज्य एवं केंद्र सरकार की आवश्यक मंजूरी ली जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, यह भूमि खोज NALCO की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आयातित एल्यूमीनियम पर निर्भरता घटाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। प्रस्तावित स्मेल्टर में आधुनिक, ऊर्जा‑कुशल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे कंपनी के स्थिरता लक्ष्यों के साथ तालमेल रहेगा।
अभी तक कोई निश्चित स्थान तय नहीं हुआ है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार सृजन होगा और सहायक उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल आंध्र प्रदेश की औद्योगिक विकास नीतियों के तहत भारी उद्योग निवेश को आकर्षित करने की दिशा में भी है।
NALCO ने भूमि अधिग्रहण या निर्माण की समयसीमा का खुलासा नहीं किया है, पर कंपनी ने कहा है कि व्यवहार्यता अध्ययन चल रहे हैं और आगे बढ़ने से पहले राज्य एवं केंद्र सरकार की आवश्यक मंजूरी ली जाएगी।