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05 अक्टू. 2026•
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नल मेंटेनेंस के नाम पर खर्च, गांव में खराब हैंडपंपों को लेकर उठे सवाल

✍️ रिपोर्टर: ashif 🗓 05 अक्टू. 2026, 11:34 AM 👁 16
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ग्रामीणों का आरोप—कई हैंडपंप खराब, कुछ ग्रामीणों ने निजी खर्च से कराई मरम्मत; पांच वर्षों के खर्च की जांच की मांग
गौरीगंज/अमेठी। विकास क्षेत्र गौरीगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर में हैंडपंपों के रखरखाव और मरम्मत के नाम पर होने वाले खर्च को लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रतिवर्ष करीब एक लाख रुपये नल/हैंडपंप मेंटेनेंस के नाम पर खर्च किए जाने की बात सामने आती है। इस हिसाब से पांच वर्षों में करीब पांच लाख रुपये खर्च होने का दावा किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद गांव में कई इंडिया मार्का हैंडपंप और अन्य सार्वजनिक नल खराब पड़े हैं। आरोप है कि कुछ स्थानों पर ग्रामीणों को अपनी जेब से पैसा लगाकर हैंडपंपों की मरम्मत करानी पड़ी है।
ग्रामीणों के अनुसार राम अचल यादव, अभिमन्यु कुमार दुबे और मालाराम यादव सहित कई स्थानों पर लगे हैंडपंप खराब बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ऐसे अन्य स्थानों की भी मौके पर जांच की जा सकती है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पिछले पांच वर्षों में नल एवं हैंडपंपों के रखरखाव के नाम पर निकाली गई धनराशि, संबंधित भुगतान, कार्यों और मौके पर कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं अभिलेखीय जांच कराई जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी धनराशि के सापेक्ष वास्तव में कितने हैंडपंपों की मरम्मत या रखरखाव कराया गया।
अब सवाल यह है कि यदि मेंटेनेंस के नाम पर लगातार धनराशि खर्च हुई है, तो गांव में खराब पड़े हैंडपंपों की स्थिति क्या बताती है? ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
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