🔥 ट्रेंडिंग पुणे में बैंक ऑफ इंडिया कार्यालय में आ... 16वीं शताब्दी का पुर्तगाली डिक्री: 500... तिरुचिरापल्ली के पास महिला की हत्या मे... कानपुर कोर्ट ने पति के आरोपों के बाद ब... MEELAL ने Meetei Mayek अनुलिपि के बिना... बीरभूम में भाजपा नेता की हत्या के मामल...
30 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आए फैसला बेहद चिंता जनक है श्री अशोक गहलोत ने जताई चिंता
देश

नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आए फैसला बेहद चिंता जनक है श्री अशोक गहलोत ने जताई चिंता

✍️ रिपोर्टर: Rohitash Kumar 🗓 06 अग. 2026, 10:26 AM 👁 48
यहाँ देखें: ▶️ YouTube
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post
नागौर के डांगावास हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला बेहद चिंताजनक है। 2015 में जमीन विवाद में 5 दलितों समेत 6 लोगों की निर्मम हत्या हुई थी, और अब एससी-एसटी विशेष अदालत ने सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। पीड़ित परिवारों का सवाल जायज है, अगर 40 आरोपी बरी हो गए तो इन 6 लोगों की हत्या आखिर किसने की?

11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई, सीबीआई जांच और ट्रायल के बावजूद इंसाफ न मिलना जांच और अभियोजन की गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। भाजपा सरकार के शासन में 11 साल पहले ऐसी घटना होना और अब उन्हीं के शासन में प्रतिकूल फैसला आना दिखाता है कि भाजपा न्याय के पक्ष में नहीं है। दलित समाज के साथ हुए इस अन्याय में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

कांग्रेस हमेशा दलित समाज के सम्मान और अधिकारों के लिए खड़ी रही है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की प्रक्रिया मजबूती से आगे बढ़नी चाहिए, राज्य सरकार को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
📲Get App