📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
शिक्षा
नागालैंड में युवा बेरोजगारी 17.5% पर, मुख्य सचिव ने शिक्षा सुधार की मांग
✍️ Indian Masterminds
🗓 31 अक्टू. 2026, 12:37 PM
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एक सर्वे में नागालैंड में युवा बेरोजगारी 17.5% बताई गई, जिससे मुख्य सचिव ने शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की।
सरकार द्वारा आयोजित एक सर्वेक्षण ने बताया है कि नागालैंड में 15‑29 वर्ष की आयु के 17.5% युवा बेरोजगार हैं, जिसे अधिकारियों ने राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का संकेत माना है।
मुख्य सचिव ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि यह आंकड़ा स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले कौशल और आधुनिक नौकरी बाजार की मांगों के बीच असंगति को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षा विभाग से पाठ्यक्रम में बदलाव, व्यावसायिक प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने और स्थानीय उद्योगों के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करने का आग्रह किया।
राज्य ने शिक्षा विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और युवा नेताओं को शामिल करते हुए एक कार्यसमूह बनाने का प्रस्ताव रखा है, जो सुधारों की रूपरेखा तैयार करेगा। लक्ष्य है युवाओं को रोजगार योग्य कौशल से लैस करना और अगले कुछ वर्षों में बेरोजगारी अंतर को घटाना।
विशिष्ट समय‑सीमा अभी नहीं बताई गई, पर मुख्य सचिव ने कहा कि unemployment rate को और बढ़ने से रोकने के लिए त्वरित नीति कार्रवाई आवश्यक है।
सर्वेक्षण ने क्षेत्रीय असमानताओं को भी उजागर किया, जिसमें शहरी जिलों में दूरस्थ क्षेत्रों की तुलना में बेरोजगारी थोड़ी कम पाई गई, जिससे लक्षित हस्तक्षेपों की जरूरत स्पष्ट होती है।
मुख्य सचिव ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि यह आंकड़ा स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले कौशल और आधुनिक नौकरी बाजार की मांगों के बीच असंगति को दर्शाता है। उन्होंने शिक्षा विभाग से पाठ्यक्रम में बदलाव, व्यावसायिक प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने और स्थानीय उद्योगों के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करने का आग्रह किया।
राज्य ने शिक्षा विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और युवा नेताओं को शामिल करते हुए एक कार्यसमूह बनाने का प्रस्ताव रखा है, जो सुधारों की रूपरेखा तैयार करेगा। लक्ष्य है युवाओं को रोजगार योग्य कौशल से लैस करना और अगले कुछ वर्षों में बेरोजगारी अंतर को घटाना।
विशिष्ट समय‑सीमा अभी नहीं बताई गई, पर मुख्य सचिव ने कहा कि unemployment rate को और बढ़ने से रोकने के लिए त्वरित नीति कार्रवाई आवश्यक है।
सर्वेक्षण ने क्षेत्रीय असमानताओं को भी उजागर किया, जिसमें शहरी जिलों में दूरस्थ क्षेत्रों की तुलना में बेरोजगारी थोड़ी कम पाई गई, जिससे लक्षित हस्तक्षेपों की जरूरत स्पष्ट होती है।