📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Original: Samudra Bikash Hazarika
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शिक्षा
नागालैंड में साहित्य और भाषा को साथ-साथ आगे बढ़ाने का आह्वान
✍️ MorungExpress
🗓 01 नव. 2026, 04:47 AM
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MorungExpress के संपादकीय ने नागालैंड में साहित्य और भाषा के समन्वित विकास की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
MorungExpress, जो उत्तर‑पूर्व भारत में प्रमुख समाचार स्रोत है, ने एक संपादकीय में कहा कि नागालैंड में साहित्य का विकास और स्थानीय भाषाओं का संरक्षण एक‑दूसरे के बिना अधूरा है। लेख में यह बताया गया कि भाषा की ठोस नींव के बिना साहित्यिक सृजन नहीं फल‑फूल सकता, और इसके विपरीत भी यही सत्य है।
संपादकीय ने उल्लेख किया कि हाल ही में सांस्कृतिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों ने स्कूलों व सामुदायिक कार्यक्रमों में नागा भाषाओं को बढ़ावा देने के कई कदम उठाए हैं। यह सहयोगी नीतियों की माँग करता है जो भाषा शिक्षण और साहित्यिक उत्पादन दोनों को समर्थन दें, जिससे सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिले।
लेखकों, शिक्षकों और भाषा कार्यकर्ताओं को द्विभाषी प्रकाशन, भाषा‑समृद्ध पाठ्यक्रम और स्थानीय आवाज़ों को उजागर करने वाले साहित्यिक महोत्सव जैसी पहलों पर मिलकर काम करने का आह्वान किया गया है। अंत में कहा गया कि इस समन्वित प्रयास से नागालैंड की भाषाई धरोहर भविष्य में भी जीवित रहेगी।
संपादकीय ने उल्लेख किया कि हाल ही में सांस्कृतिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों ने स्कूलों व सामुदायिक कार्यक्रमों में नागा भाषाओं को बढ़ावा देने के कई कदम उठाए हैं। यह सहयोगी नीतियों की माँग करता है जो भाषा शिक्षण और साहित्यिक उत्पादन दोनों को समर्थन दें, जिससे सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिले।
लेखकों, शिक्षकों और भाषा कार्यकर्ताओं को द्विभाषी प्रकाशन, भाषा‑समृद्ध पाठ्यक्रम और स्थानीय आवाज़ों को उजागर करने वाले साहित्यिक महोत्सव जैसी पहलों पर मिलकर काम करने का आह्वान किया गया है। अंत में कहा गया कि इस समन्वित प्रयास से नागालैंड की भाषाई धरोहर भविष्य में भी जीवित रहेगी।