Religion
नौबतपुर प्रखंड के चिरौरा गांव में नवदुर्गा शीतला मंदिर और शिव मंदिर के के नवनिर्मां कोलेकर बैठक आयोजित
नौबतपुर प्रखंड के चिरौरा गांव में माता शीतला मंदिर और शिव मंदिर के निर्माण को लेकर बैठक आयोजित जिसमेंसर्वसंतीसे 19अगस्त को
नौबतपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
चिरौरा में नवदुर्गा शीतला माता और शिव मंदिर के नवनिर्माण को लेभूमि पूजन का निर्णय लिया गया कर बैठक, 19 अगस्त को होगा भूमि पूजन
नौबतपुर क्षेत्र स्थित ग्राम चिरौरा में आज स्थानीय ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गांव के प्राचीन व प्रतिष्ठित नवदुर्गा शीतला माता मंदिर और भगवान शिव मंदिर के नवनिर्माण को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंदिर निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
मंदिर नवनिर्माण की शुरुआत के लिए 19 अगस्त की पावन तिथि निर्धारित की गई है, जिस दिन विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य भूमि पूजन संपन्न होगा।
बैठक में गांव के वरिष्ठ नागरिकों, प्रबुद्ध जनों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर निर्माण को लेकर सभी में भारी उत्साह देखा गया और सभी ने एकजुट होकर इस धार्मिक कार्य में तन-मन-धन से पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। ग्रामीणों का मानना है कि इस नवनिर्माण से क्षेत्र में धार्मिक व सामाजिक सौहार्द को और अधिक बल मिलेगा।
चिरौरा में नवदुर्गा शीतला माता और शिव मंदिर के नवनिर्माण को लेभूमि पूजन का निर्णय लिया गया कर बैठक, 19 अगस्त को होगा भूमि पूजन
नौबतपुर क्षेत्र स्थित ग्राम चिरौरा में आज स्थानीय ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गांव के प्राचीन व प्रतिष्ठित नवदुर्गा शीतला माता मंदिर और भगवान शिव मंदिर के नवनिर्माण को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंदिर निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
मंदिर नवनिर्माण की शुरुआत के लिए 19 अगस्त की पावन तिथि निर्धारित की गई है, जिस दिन विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य भूमि पूजन संपन्न होगा।
बैठक में गांव के वरिष्ठ नागरिकों, प्रबुद्ध जनों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर निर्माण को लेकर सभी में भारी उत्साह देखा गया और सभी ने एकजुट होकर इस धार्मिक कार्य में तन-मन-धन से पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया। ग्रामीणों का मानना है कि इस नवनिर्माण से क्षेत्र में धार्मिक व सामाजिक सौहार्द को और अधिक बल मिलेगा।