📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of India
राजनीति
नबिन ने विपक्ष से राष्ट्रीय मुद्दों पर अद्वानी की राह अपनाने का आह्वान किया
✍️ OrissaPOST
🗓 08 नव. 2026, 02:31 PM
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राजनीतिक नेता नबिन ने विपक्ष से कहा कि उन्हें पूर्व भाजपा प्रमुख एल.के. अद्वानी के उदाहरण पर चलकर राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार का समर्थन करना चाहिए, ओरिसा पोस्ट ने बताया।
राजनीतिक नेता नबिन ने गुरुवार को मीडिया से कहा कि विपक्ष को राष्ट्रीय हितों को लेकर सरकार के साथ सहयोगी रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने पूर्व भाजपा प्रमुख एल.के. अद्वानी को उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया, यह बताते हुए कि अद्वानी अक्सर राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर पार्टी मतभेदों के बावजूद सरकार का समर्थन करते रहे हैं।
नबिन ने बताया कि ऐसे सहयोग से देश की स्थिरता बनी रहती है और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष निरंतर विरोधी रुख अपनाएगा तो यह भारत की प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता को कमजोर कर सकता है।
यह बयान ओरिसा पोस्ट के साथ एक साक्षात्कार के दौरान दिया गया, जहाँ नबिन ने कहा कि यह आग्रह लोकतांत्रिक बहस को त्यागने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर रखने के लिए है। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से भविष्य में संसद में इस दृष्टिकोण को अपनाने का अनुरोध किया।
हालांकि इस बयान से कोई तत्काल नीति परिवर्तन नहीं आया, लेकिन नबिन की टिप्पणी भारत के संसदीय प्रणाली में विपक्ष की भूमिका को लेकर चल रहे बहस में नई दिशा जोड़ती है, विशेषकर बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव के संदर्भ में।
नबिन ने बताया कि ऐसे सहयोग से देश की स्थिरता बनी रहती है और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष निरंतर विरोधी रुख अपनाएगा तो यह भारत की प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता को कमजोर कर सकता है।
यह बयान ओरिसा पोस्ट के साथ एक साक्षात्कार के दौरान दिया गया, जहाँ नबिन ने कहा कि यह आग्रह लोकतांत्रिक बहस को त्यागने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय हित को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर रखने के लिए है। उन्होंने सभी विपक्षी दलों से भविष्य में संसद में इस दृष्टिकोण को अपनाने का अनुरोध किया।
हालांकि इस बयान से कोई तत्काल नीति परिवर्तन नहीं आया, लेकिन नबिन की टिप्पणी भारत के संसदीय प्रणाली में विपक्ष की भूमिका को लेकर चल रहे बहस में नई दिशा जोड़ती है, विशेषकर बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव के संदर्भ में।