📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / associationprogressivecomms
अपराध
मुजफ्फरपुर कोर्ट में मशरूम क्लस्टर ऋण विवाद, अगली सुनवाई 26 अगस्त
✍️ Amar Ujala · Muzaffarpur
🗓 20 अग. 2026, 09:46 AM
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मुजफ्फरपुर के एसडीओ पूर्वी कोर्ट में मशरूम क्लस्टर के ऋण और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की 19 अगस्त को सुनवाई हुई, जिसमें छह जीविका दीदी और दोनों पक्षों ने अपना‑अपना पक्ष रखा। अगली सुनवाई 26 अगस्त को तय हुई।
मुजफ्फरपुर के एसडीओ पूर्वी कोर्ट ने मशरूम‑क्लस्टर योजना के तहत लिए गए ऋणों को लेकर उठाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को सुनवाई के दायरे में रखा है। यह मामला बिहार में कृषि‑क्रेडिट योजनाओं के प्रबंधन पर सवाल उठाता है।
19 अगस्त को पहली सुनवाई हुई, जिसमें छह जीविका दीदी और ऋण देने वाले एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। दोनों पक्षों ने अपने‑अपने तर्क पेश किए; जीविका दीदी ने निधियों के दुरुपयोग का विरोध किया, जबकि ऋणदाता ने ऋण वितरण प्रक्रिया की वैधता पर बल दिया।
कोर्ट ने मामले को 26 अगस्त को फिर सुनने का आदेश दिया। आगे की कार्यवाही में यह तय होगा कि कोई सुधारात्मक कदम या पुनर्भुगतान निर्देश जारी किया जाएगा या नहीं, जो क्षेत्र के छोटे‑स्तर के किसानों की क्रेडिट पहुँच को प्रभावित कर सकता है।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे मामलों से राज्य‑प्रायोजित कृषि क्लस्टर की निगरानी और पारदर्शिता के मानक स्थापित हो सकते हैं, जिससे समय पर शिकायत निवारण की महत्ता उजागर होती है।
19 अगस्त को पहली सुनवाई हुई, जिसमें छह जीविका दीदी और ऋण देने वाले एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। दोनों पक्षों ने अपने‑अपने तर्क पेश किए; जीविका दीदी ने निधियों के दुरुपयोग का विरोध किया, जबकि ऋणदाता ने ऋण वितरण प्रक्रिया की वैधता पर बल दिया।
कोर्ट ने मामले को 26 अगस्त को फिर सुनने का आदेश दिया। आगे की कार्यवाही में यह तय होगा कि कोई सुधारात्मक कदम या पुनर्भुगतान निर्देश जारी किया जाएगा या नहीं, जो क्षेत्र के छोटे‑स्तर के किसानों की क्रेडिट पहुँच को प्रभावित कर सकता है।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे मामलों से राज्य‑प्रायोजित कृषि क्लस्टर की निगरानी और पारदर्शिता के मानक स्थापित हो सकते हैं, जिससे समय पर शिकायत निवारण की महत्ता उजागर होती है।