📷 चित्र स्रोत: Times of India (via NewsData)
स्वास्थ्य
मुंबई पुलिस ने स्ट्रोक पीड़ित को रोका, इलाज में देरी, परिवार ने उपेक्षा का आरोप लगाया
✍️ Times of India
🗓 30 जुल. 2026, 09:40 AM
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स्ट्रोक से पीड़ित 73‑वर्षीय व्यक्ति को मुंबई पुलिस ने पाँच घंटे तक शराब‑पीकर गाड़ी चलाने के आरोप पर रोका, जिससे तात्कालिक इलाज में देरी हुई और वह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त रह गया।
स्ट्रोक के कारण 73‑वर्षीय व्यक्ति ने मुंबई की सड़क पर गाड़ी चलाते समय नियंत्रण खो दिया। पुलिस पहुँचने पर उसे शराब‑पीकर गाड़ी चलाने के आरोप पर गिरफ्तार कर पाँच घंटे तक पुलिस स्टेशन में रोका गया। इस देरी से समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई और वह आंशिक रूप से लकवाग्रस्त होकर आईसीयू में भर्ती हुआ।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि पुलिस ने स्ट्रोक के स्पष्ट लक्षणों को अनदेखा किया और FIR दाखिल करने पर ही ध्यान दिया। उनका दावा है कि पुलिस की कार्रवाई ने रोगी की स्थिति बिगड़ने में योगदान दिया।
इस घटना ने चिकित्सा आपात स्थितियों में पुलिस के प्रोटोकॉल पर बहस छेड़ दी है और समय पर हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया है।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि पुलिस ने स्ट्रोक के स्पष्ट लक्षणों को अनदेखा किया और FIR दाखिल करने पर ही ध्यान दिया। उनका दावा है कि पुलिस की कार्रवाई ने रोगी की स्थिति बिगड़ने में योगदान दिया।
इस घटना ने चिकित्सा आपात स्थितियों में पुलिस के प्रोटोकॉल पर बहस छेड़ दी है और समय पर हस्तक्षेप के महत्व को रेखांकित किया है।