📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
सरकारी योजना
जीएसटी नोटिस की प्रामाणिकता जांचने के लिए एमपी में लागू हुआ क्यूआर कोड
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 07 अक्टू. 2026, 07:46 PM
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मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग ने आधिकारिक नोटिस की प्रामाणिकता जांचने और दुरुपयोग रोकने के लिए डीआइएन और क्यूआर कोड व्यवस्था शुरू की है।
मध्याप्रदेश वाणिज्यिक कर वभाग नकली नोटिसेस और आधिकारिक पत्रों के दुरुपयोग की समस्या के समाधान के लिए एक नया सत्यापन तन्त्र शुरू किया है。 यह पहल सभी आधिकारिक पत्राचार में डिजिटल पहचान नंबर (DIN) और क्यूएर (QR) कूड की व्यवस्था शामिल करत है。
नए प्रोटोकल के तहत करदाता अपने मोबाईल से क्यूएर कूड स्कैन करके किसी भी प्राप्त नोटिस की प्रामाणिकता तुरंत जांच सकते हैं। इस प्रक्रिया से व्यक्ति वभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से दस्तावेज की पुष्टि कर सकते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि नोटिस वास्तव में अधिकारियों द्वारा जारी किया गया है।
यह कदम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए लिया गया है, जहाँ नकली दस्तावेजों का उपयोग पैसे लूटने या भ्रम फैलाने के लिए किया जाता है। सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने से वभाग पारदर्शिता बढ़ाता है और अपने संचार चैनलों में विश्वास बनाए रखता है।
यह व्यवस्था राज्य में कर प्रशासन को आधुनिक बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो व्यवसायों और व्यक्तियों को आधिकारिक सरकारी पत्रों और धोखाधड़ी की कोशिशों के बीच अंतर करने में आसानी प्रदान करता है।
नए प्रोटोकल के तहत करदाता अपने मोबाईल से क्यूएर कूड स्कैन करके किसी भी प्राप्त नोटिस की प्रामाणिकता तुरंत जांच सकते हैं। इस प्रक्रिया से व्यक्ति वभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड से दस्तावेज की पुष्टि कर सकते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि नोटिस वास्तव में अधिकारियों द्वारा जारी किया गया है।
यह कदम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए लिया गया है, जहाँ नकली दस्तावेजों का उपयोग पैसे लूटने या भ्रम फैलाने के लिए किया जाता है। सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने से वभाग पारदर्शिता बढ़ाता है और अपने संचार चैनलों में विश्वास बनाए रखता है।
यह व्यवस्था राज्य में कर प्रशासन को आधुनिक बनाने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो व्यवसायों और व्यक्तियों को आधिकारिक सरकारी पत्रों और धोखाधड़ी की कोशिशों के बीच अंतर करने में आसानी प्रदान करता है।