📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
शिक्षा
एमपी हाई कोर्ट ने सिग्नेचर सत्यापन के बाद NEET‑UG 2026 OMR त्रुटि याचिका खारिज की
✍️ Live Law
🗓 19 अग. 2026, 08:32 PM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने छात्र द्वारा मूल उत्तरपत्र पर हस्ताक्षर की पुष्टि के बाद NEET‑UG 2026 में OMR त्रुटि संबंधी याचिका खारिज कर दी।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने NEET‑UG 2026 के एक उम्मीदवार द्वारा दायर OMR त्रुटि संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कहा था कि उसके उत्तरपत्र में दर्ज अंक और मूल उत्तरपत्र पर किए गए मार्किंग में अंतर है और पुनः मूल्यांकन की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत मूल उत्तरपत्र की जांच की। दस्तावेज़ पर मौजूद हस्ताक्षर आधिकारिक रिकॉर्ड में मौजूद हस्ताक्षर से मेल खाता पाया गया, जिससे दस्तावेज़ में किसी प्रकार की छेड़छाड़ या त्रुटि का संदेह दूर हो गया।
हस्ताक्षर की पुष्टि और OMR त्रुटि के ठोस सबूत की कमी के आधार पर न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया, यह कहा कि इस मामले में आगे कोई न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक नहीं है। यह निर्णय परीक्षा‑संबंधी विवादों में दस्तावेज़ीय प्रमाण के महत्व को रेखांकित करता है।
यह फैसला तब आया है जब NEET‑UG 2026 के परिणामों की प्रक्रिया जारी है और हजारों अभ्यर्थी अपने अंक और प्रवेश संभावनाओं की अंतिम पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उम्मीदवार द्वारा प्रस्तुत मूल उत्तरपत्र की जांच की। दस्तावेज़ पर मौजूद हस्ताक्षर आधिकारिक रिकॉर्ड में मौजूद हस्ताक्षर से मेल खाता पाया गया, जिससे दस्तावेज़ में किसी प्रकार की छेड़छाड़ या त्रुटि का संदेह दूर हो गया।
हस्ताक्षर की पुष्टि और OMR त्रुटि के ठोस सबूत की कमी के आधार पर न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया, यह कहा कि इस मामले में आगे कोई न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक नहीं है। यह निर्णय परीक्षा‑संबंधी विवादों में दस्तावेज़ीय प्रमाण के महत्व को रेखांकित करता है।
यह फैसला तब आया है जब NEET‑UG 2026 के परिणामों की प्रक्रिया जारी है और हजारों अभ्यर्थी अपने अंक और प्रवेश संभावनाओं की अंतिम पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।