📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lakhan Singh Bhargav
अपराध
एमपी उच्च न्यायालय ने पाया लोउडस्पीकर अत्यधिक शोर, अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश
✍️ livelaw.in
🗓 26 सित. 2026, 04:36 PM
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मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने लोउडस्पीकर के अत्यधिक शोर की जांच के बाद अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया, शोर प्रदूषण अधिनियम के उल्लंघन का हवाला देते हुए।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में दिए गए निर्णय में पाया कि लोउडस्पीकर शोर प्रदूषण अधिनियम द्वारा निर्धारित सीमाओं से अधिक आवाज़ पर चल रहे थे। न्यायाधीशों ने बताया कि यह शोर न केवल असुविधा पैदा कर रहा था बल्कि आसपास के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा था।
इसके जवाब में, न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह आदेश बताता है कि यदि उल्लंघन जारी रहता है तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निर्णय में शोर प्रदूषण अधिनियम के विशिष्ट प्रावधानों का हवाला दिया गया है, जो सार्वजनिक और निजी स्रोतों से ध्वनि उत्सर्जन पर कड़ी नियंत्रण की मांग करते हैं। यह न्यायालय की पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य नियमों को लागू करने की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
अधिकारियों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक है, और न्यायालय यह सुनिश्चित करने के लिए आगे की समीक्षा का अधिकार रखता है कि उपाय संतोषजनक रूप से लागू किए जाएँ।
इसके जवाब में, न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह आदेश बताता है कि यदि उल्लंघन जारी रहता है तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निर्णय में शोर प्रदूषण अधिनियम के विशिष्ट प्रावधानों का हवाला दिया गया है, जो सार्वजनिक और निजी स्रोतों से ध्वनि उत्सर्जन पर कड़ी नियंत्रण की मांग करते हैं। यह न्यायालय की पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य नियमों को लागू करने की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
अधिकारियों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक है, और न्यायालय यह सुनिश्चित करने के लिए आगे की समीक्षा का अधिकार रखता है कि उपाय संतोषजनक रूप से लागू किए जाएँ।