📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lakhan Singh Bhargav
अपराध
MP हाई कोर्ट ने अपील लंबित रहने तक ₹35 लाख POSH मुआवज़े पर लगाई रोक
✍️ Live Law
🗓 03 जुल. 2026, 02:47 AM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने POSH अधिनियम के तहत एक शिकायतकर्ता को दिए गए ₹35 लाख के मुआवज़े पर रोक लगा दी है। यह आदेश आरोपी की अपील के निपटारे तक प्रभावी रहेगा।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ₹35 लाख के मुआवज़े के आदेश को रद्द कर दिया है। यह राशि पूर्व में यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) अधिनियम के तहत एक शिकायतकर्ता को प्रदान की गई थी।
आरोपी द्वारा दायर की गई अपील पर विचार किए जाने के दौरान अदालत ने यह आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह मुआवज़ा तब तक के लिए स्थगित रहेगा जब तक अपील की कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती।
यह न्यायिक हस्तक्षेप कार्यस्थल उत्पीड़न कानूनों के तहत मुआवज़े के दावों की प्रक्रियात्मक पहलुओं पर प्रकाश डालता है, जिसमें यह ज़ोर दिया गया है कि अंतिम निर्णय अपीलीय कार्यवाही के आधार पर समीक्षा और संभावित परिवर्तन के अधीन हो सकते हैं।
आरोपी द्वारा दायर की गई अपील पर विचार किए जाने के दौरान अदालत ने यह आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह मुआवज़ा तब तक के लिए स्थगित रहेगा जब तक अपील की कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती।
यह न्यायिक हस्तक्षेप कार्यस्थल उत्पीड़न कानूनों के तहत मुआवज़े के दावों की प्रक्रियात्मक पहलुओं पर प्रकाश डालता है, जिसमें यह ज़ोर दिया गया है कि अंतिम निर्णय अपीलीय कार्यवाही के आधार पर समीक्षा और संभावित परिवर्तन के अधीन हो सकते हैं।