📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
अपराध
एमपी उच्च न्यायालय ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को राहत दी
✍️ Live Law
🗓 21 जुल. 2026, 08:03 PM
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एमपी उच्च न्यायालय ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को राहत दी, यह कहते हुए कि उसके शब्द अनुचित थे पर इरादा नहीं था।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने आज उस व्यक्ति को राहत दी जिसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय के आदेश में कहा गया कि आरोपी के शब्द अनुचित थे, परंतु किसी धार्मिक समुदाय के प्रति अपमानजनक इरादा नहीं था।
न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि इरादे की कमी के कारण वह मामला धार्मिक अपमान के तहत दंडनीय नहीं है। यह निर्णय तब आया जब आरोपी ने बAIL और राहत के लिए अदालत में आवेदन किया था।
मामला अभी भी लंबित था, और आरोपी को भारतीय दंड संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत रोका गया था। न्यायालय के इस फैसले से वह व्यक्ति उस विशेष आरोप से मुक्त हो गया।
यह निर्णय कानूनी विशेषज्ञों और समुदाय के नेताओं द्वारा बारीकी से देखा जाएगा, क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं के संरक्षण के बीच संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि इरादे की कमी के कारण वह मामला धार्मिक अपमान के तहत दंडनीय नहीं है। यह निर्णय तब आया जब आरोपी ने बAIL और राहत के लिए अदालत में आवेदन किया था।
मामला अभी भी लंबित था, और आरोपी को भारतीय दंड संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत रोका गया था। न्यायालय के इस फैसले से वह व्यक्ति उस विशेष आरोप से मुक्त हो गया।
यह निर्णय कानूनी विशेषज्ञों और समुदाय के नेताओं द्वारा बारीकी से देखा जाएगा, क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं के संरक्षण के बीच संतुलन को प्रभावित कर सकता है।