📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
राजनीति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महिला की क्षमता पर सवाल को लैंगिक पूर्वाग्रह माना
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 06 अक्टू. 2026, 04:16 PM
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ग्वालियर खंडपीठ ने पैतृक संपत्ति विवाद में महिला की क्षमता पर सवाल उठाने वाले निचली अदालत के तर्क को लैंगिक पूर्वाग्रह बताया।
ग्वालियर खंडपीठ ने आज एक निचली अदालत के उस तर्क को खारिज कर दिया कि एक महिला को पैतृक संपत्ति विवाद में सक्षम नहीं माना गया। अदालत ने कहा कि महिला की क्षमता पर सवाल उठाना लैंगिक पूर्वाग्रह का उदाहरण है और समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
यह मामला एक पारिवारिक संपत्ति के विवाद से जुड़ा था, जिसमें निचली अदालत ने महिला को वैध उत्तराधिकारी के रूप में मानने में संदेह जताया था। उच्च न्यायालय के निर्णय में बताया गया कि ऐसे संदेह केवल भेदभाव पर आधारित हैं, न कि वास्तविक तथ्यों पर।
निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि महिलाओं के संपत्ति अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी ढाँचे को मजबूत किया जाना चाहिए और किसी भी लैंगिक पूर्वाग्रह को कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। यह फैसला पूरे राज्य में महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों को सुदृढ़ करने की उम्मीद जगाता है।
यह मामला एक पारिवारिक संपत्ति के विवाद से जुड़ा था, जिसमें निचली अदालत ने महिला को वैध उत्तराधिकारी के रूप में मानने में संदेह जताया था। उच्च न्यायालय के निर्णय में बताया गया कि ऐसे संदेह केवल भेदभाव पर आधारित हैं, न कि वास्तविक तथ्यों पर।
निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि महिलाओं के संपत्ति अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी ढाँचे को मजबूत किया जाना चाहिए और किसी भी लैंगिक पूर्वाग्रह को कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। यह फैसला पूरे राज्य में महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों को सुदृढ़ करने की उम्मीद जगाता है।