📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Recess Bradbury Wilkinson, Ltd
राजनीति
एमपी कॉलोनी अधिनियम ड्राफ्ट पर अनधिकृत बस्तियों को हटाने में विफल रहने पर रोज़ाना ₹1 लाख जुर्माना
✍️ Bhaskar English
🗓 18 जुल. 2026, 05:33 PM
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एमपी कॉलोनी अधिनियम का मसौदा संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें अनधिकृत बस्तियों को हटाने में विफल रहने पर रोज़ाना ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।
एमपी कॉलोनी अधिनियम का मसौदा संसद में पेश किया जाने वाला है, जिसका उद्देश्य देशभर में अनधिकृत बस्तियों के अनियंत्रित विस्तार को रोकना है।
प्रस्ताव के अनुसार, किसी भी स्थानीय निकाय या प्राधिकरण को, यदि वह निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर अनधिकृत बस्ती को हटाने में विफल रहता है, तो रोज़ाना ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।
यह जुर्माना त्वरित कार्रवाई को प्रेरित करने और अवैध बस्तियों के विस्तार को रोकने के लिए है, जो भूमि‑उपयोग नियमों का उल्लंघन करते हैं।
मसौदा संसद में पेश करने से पहले राज्य सरकारों और नगरपालिका निगमों को टिप्पणियाँ और संशोधन के लिए भेजा गया है।
यदि पारित हो गया, तो यह अधिनियम पूरे देश में एक समान प्रवर्तन तंत्र स्थापित करेगा, जिससे शहरी नियोजन और भूमि प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
प्रस्ताव के अनुसार, किसी भी स्थानीय निकाय या प्राधिकरण को, यदि वह निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर अनधिकृत बस्ती को हटाने में विफल रहता है, तो रोज़ाना ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।
यह जुर्माना त्वरित कार्रवाई को प्रेरित करने और अवैध बस्तियों के विस्तार को रोकने के लिए है, जो भूमि‑उपयोग नियमों का उल्लंघन करते हैं।
मसौदा संसद में पेश करने से पहले राज्य सरकारों और नगरपालिका निगमों को टिप्पणियाँ और संशोधन के लिए भेजा गया है।
यदि पारित हो गया, तो यह अधिनियम पूरे देश में एक समान प्रवर्तन तंत्र स्थापित करेगा, जिससे शहरी नियोजन और भूमि प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सकेगा।