📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
धर्म
कोस्टल कर्नाटक में मोन्थी फेस्ट का धार्मिक उत्सव
✍️ Mangalore Today
🗓 08 सित. 2026, 02:48 PM
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कोस्टल कर्नाटक के विभिन्न जिलों में मोन्थी फेस्ट को बड़े धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए।
मंगलूर, कर्नाटक – इस सप्ताहांत कोस्टल कर्नाटक के विभिन्न जिलों में मोन्थी फेस्ट का आयोजन धूमधाम से हुआ, जिसमें परेड, भजन संगीत और सामुदायिक प्रार्थनाएँ शामिल थीं। उडुपी, दक्षिणा कर्नाटक और उत्तर कर्नाटक के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जहाँ कई दिन चलने वाले पारम्परिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
स्थानीय प्राधिकरणों ने यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया, जिससे तीव्र भीड़ के बावजूद प्रमुख राजमार्गों और मंदिर परिसर में सुगम प्रवाह बना रहा। स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करते हुए विक्रेताओं ने क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए, जिससे उत्सव का माहौल और जीवंत हो गया।
सांस्कृतिक समूहों ने लोकनृत्य और भजन प्रस्तुत किए, जो मोन्थी फेस्ट के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करते हैं और इस क्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत को सुदृढ़ करते हैं। आयोजकों ने बताया कि यह उत्सव शांति और समावेशिता के साथ संपन्न हुआ, जो समुदाय की साझा भक्ति को दर्शाता है।
उत्सव का समापन प्रमुख मंदिरों में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो एकता और आने वाले वर्ष के लिए आशा का प्रतीक बना। अधिकारियों ने कार्यक्रम की सुव्यवस्थित व्यवस्था की सराहना की और भविष्य में इस उत्सव को और विस्तारित करने की योजना का संकेत दिया।
स्थानीय प्राधिकरणों ने यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया, जिससे तीव्र भीड़ के बावजूद प्रमुख राजमार्गों और मंदिर परिसर में सुगम प्रवाह बना रहा। स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करते हुए विक्रेताओं ने क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टॉल लगाए, जिससे उत्सव का माहौल और जीवंत हो गया।
सांस्कृतिक समूहों ने लोकनृत्य और भजन प्रस्तुत किए, जो मोन्थी फेस्ट के ऐतिहासिक महत्व को उजागर करते हैं और इस क्षेत्र की आध्यात्मिक विरासत को सुदृढ़ करते हैं। आयोजकों ने बताया कि यह उत्सव शांति और समावेशिता के साथ संपन्न हुआ, जो समुदाय की साझा भक्ति को दर्शाता है।
उत्सव का समापन प्रमुख मंदिरों में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जो एकता और आने वाले वर्ष के लिए आशा का प्रतीक बना। अधिकारियों ने कार्यक्रम की सुव्यवस्थित व्यवस्था की सराहना की और भविष्य में इस उत्सव को और विस्तारित करने की योजना का संकेत दिया।