📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NASA image created by Jesse Allen, Earth Observato
मौसम
उत्तर‑पश्चिम भारत में मानसून का निकास तेज़, बारिश में कमी
✍️ ETV Bharat
🗓 29 सित. 2026, 03:48 AM
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भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर‑पश्चिम भारत में मानसून का निकास तेज़ी से हो रहा है, जिससे बारिश में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को बताया कि मानसून का दबाव प्रणाली उत्तर‑पश्चिम की ओर बढ़ रही है, जिससे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में बारिश में तेज़ गिरावट आई है। उपग्रह चित्र और स्थल निरीक्षणों से पता चलता है कि पिछले 24 घंटों में अधिकांश क्षेत्रों में 10 मिमी से कम वर्षा दर्ज हुई है।
वायुमंडलीय विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून लो‑प्रेशर सिस्टम के कमजोर होने और उत्तर की ओर सूखी हवा के प्रवाह के कारण निकास तेज़ हो रहा है। अगले 48 घंटों में साफ़ आसमान और ठंडा दिन का तापमान जारी रहने की संभावना है।
कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि इस जल्दी निकास से रबी फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है, विशेषकर पंजाब और हरियाणा के जल‑निर्भर क्षेत्रों में। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर मानसून का समग्र प्रगति योजना के अनुसार बनी हुई है, क्योंकि मध्य और पूर्वी भारत में पर्याप्त वर्षा दर्ज की गई है।
आईएमडी ने किसानों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नज़र रखने और सूखे के दौरान जल‑संरक्षण उपाय अपनाने की सलाह दी है। हिमालय की तलहटी में अभी भी कुछ बचे हुए नमी के कारण स्थानीय बाढ़ की संभावना बनी हुई है, इसलिए आपातकालीन सेवाएं तत्पर हैं।
विभाग इस सप्ताह के अंत में अपडेटेड मौसम पूर्वानुमान जारी करेगा, जिसमें उत्तर‑पश्चिमी क्षेत्र में कृषि चक्र और जल संसाधन प्रबंधन पर प्रभाव को विशेष रूप से बताया जाएगा।
वायुमंडलीय विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून लो‑प्रेशर सिस्टम के कमजोर होने और उत्तर की ओर सूखी हवा के प्रवाह के कारण निकास तेज़ हो रहा है। अगले 48 घंटों में साफ़ आसमान और ठंडा दिन का तापमान जारी रहने की संभावना है।
कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि इस जल्दी निकास से रबी फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है, विशेषकर पंजाब और हरियाणा के जल‑निर्भर क्षेत्रों में। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर मानसून का समग्र प्रगति योजना के अनुसार बनी हुई है, क्योंकि मध्य और पूर्वी भारत में पर्याप्त वर्षा दर्ज की गई है।
आईएमडी ने किसानों को स्थानीय पूर्वानुमान पर नज़र रखने और सूखे के दौरान जल‑संरक्षण उपाय अपनाने की सलाह दी है। हिमालय की तलहटी में अभी भी कुछ बचे हुए नमी के कारण स्थानीय बाढ़ की संभावना बनी हुई है, इसलिए आपातकालीन सेवाएं तत्पर हैं।
विभाग इस सप्ताह के अंत में अपडेटेड मौसम पूर्वानुमान जारी करेगा, जिसमें उत्तर‑पश्चिमी क्षेत्र में कृषि चक्र और जल संसाधन प्रबंधन पर प्रभाव को विशेष रूप से बताया जाएगा।