📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Howlader M, Nair A, Gopalan S, Merilä J
खेल
एम.जे. गोपालन ने ध्यन चंद की ऑलिम्पिक हॉकी टीम को ठुकरा कर खेला सिर्फ एक टेस्ट
✍️ The Times of India
🗓 29 अग. 2026, 05:42 PM
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पूर्व दो‑खेल प्रतिभा एम.जे. गोपालन ने ध्यन चंद की स्वर्ण पदक वाली ऑलिम्पिक हॉकी टीम को छोड़कर क्रिकेट चुना, जिससे उन्होंने भारत के लिए केवल एक ही टेस्ट खेला।
एम.जे. गोपालन, स्वतंत्रता‑पूर्व के समय के एक बहु‑प्रतिभाशाली खिलाड़ी, ध्यन चंद के साथ खेलते थे। जब भारतीय हॉकी टीम 1936 के बर्लिन ओलंपिक के लिए तैयारी कर रही थी, तो गोपालन को स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम में जगह का प्रस्ताव मिला। उन्होंने उस प्रस्ताव को ठुकरा कर क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया।
क्रिकेट में उनका सफर केवल एक ही टेस्ट मैच तक सीमित रहा। उस एक मैच में उन्होंने गेंदबाज़ी की, परन्तु प्रदर्शन पर्याप्त नहीं रहा और आगे के चयन में उनका नाम नहीं आया।
इस निर्णय के कारण वह भारत की सबसे यादगार ओलंपिक जीत का हिस्सा नहीं बन पाए, परन्तु यह दिखाता है कि बहु‑खेल प्रतिभाओं को अक्सर कठिन विकल्पों का सामना करना पड़ता है। गोपालन की संक्षिप्त क्रिकेट कहानी भारतीय खेल इतिहास में एक रोचक अध्याय के रूप में याद रखी जाती है।
क्रिकेट में उनका सफर केवल एक ही टेस्ट मैच तक सीमित रहा। उस एक मैच में उन्होंने गेंदबाज़ी की, परन्तु प्रदर्शन पर्याप्त नहीं रहा और आगे के चयन में उनका नाम नहीं आया।
इस निर्णय के कारण वह भारत की सबसे यादगार ओलंपिक जीत का हिस्सा नहीं बन पाए, परन्तु यह दिखाता है कि बहु‑खेल प्रतिभाओं को अक्सर कठिन विकल्पों का सामना करना पड़ता है। गोपालन की संक्षिप्त क्रिकेट कहानी भारतीय खेल इतिहास में एक रोचक अध्याय के रूप में याद रखी जाती है।