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09 अक्टू. 2026•
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मिज़ोरम के राज्यपाल ने कहा, आरटीआई शासन की नींव, टकराव का साधन नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown authorUnknown author
राजनीति

मिज़ोरम के राज्यपाल ने कहा, आरटीआई शासन की नींव, टकराव का साधन नहीं

✍️ The Times of India 🗓 09 अक्टू. 2026, 01:02 PM 👁 15
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मिज़ोरम के राज्यपाल ने राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट को पारदर्शी शासन की बुनियादी नींव बताया, टकराव का साधन नहीं।

मिज़ोरम के राज्यपाल ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि राइट टू इन्फॉर्मेशन (आरटीआई) अधिनियम राज्य की लोकतांत्रिक प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने बताया कि आरटीआई नागरिकों को जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देता है, जिससे जवाबदेही और सुशासन को बढ़ावा मिलता है।

राज्यपाल ने इस कानून को टकराव का साधन बताने की प्रवृत्ति के विरुद्ध चेतावनी दी, क्योंकि इससे इसकी पारदर्शिता की मूल भावना कमजोर होती है। उन्होंने अधिकारियों और जनता दोनों से अनुरोध किया कि आरटीआई को सहयोगी तंत्र के रूप में देखें, जिससे प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत हो।

यह बयान राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता के संतुलन पर चल रही बहस के बीच आया है। राज्यपाल ने कहा कि मिज़ोरम आरटीआई अधिनियम की भावना को बनाए रखेगा, साथ ही इसके कार्यान्वयन को रचनात्मक बनाएगा।

नागरिक समाज संगठनों ने इस टिप्पणी का स्वागत किया और इसे टकराव की बजाय संवाद को प्रोत्साहित करने के संकेत के रूप में देखा। राज्यपाल ने अंत में जिम्मेदार आरटीआई उपयोग को सुशासन को बेहतर बनाने के साधन के रूप में अपनाने की अपील की।
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