📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Georgeluvpotato
राजनीति
मिज़ोरम सरकार ने मिज़ो भाषा को आधिकारिक दर्जा देने की दिशा में कदम उठाए
✍️ newsonair.gov.in
🗓 23 सित. 2026, 06:01 AM
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मिज़ोरम सरकार ने मिज़ो भाषा को आधिकारिक दर्जा देने की योजना की घोषणा की, जो राज्य के सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मिज़ोरम सरकार ने मिज़ो भाषा को आधिकारिक दर्जा देने की अपनी मंशा को औपचारिक रूप से व्यक्त किया है, जिससे क्षेत्र की भाषाई पहचान को सुदृढ़ करने का लक्ष्य है। अधिकारियों ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में बताया कि यह मान्यता विधायी संशोधन के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।
वर्तमान में मिज़ो भाषा स्कूलों, मीडिया और सार्वजनिक जीवन में प्रमुख रूप से उपयोग होती है, परन्तु राज्य के कानूनी ढाँचे में इसका आधिकारिक दर्जा नहीं है। आधिकारिक मान्यता से सरकारी दस्तावेज़ों, न्यायालयीन कार्यवाही और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में इसका प्रयोग सरल होगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए भाषा का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
सरकार ने एक कार्ययोजना प्रस्तुत की है, जिसमें विधेयक का मसौदा तैयार करना, भाषा विशेषज्ञों से परामर्श करना और राज्य विधानसभा की स्वीकृति प्राप्त करना शामिल है। इस प्रस्ताव को सांस्कृतिक संगठनों से सराहना मिली है, जबकि कुछ हितधारक कार्यान्वयन की समयसीमा और संसाधन आवंटन के विवरण का इंतज़ार कर रहे हैं।
यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो मिज़ोरम उन कुछ भारतीय राज्यों में शामिल हो जाएगा जिनकी क्षेत्रीय भाषा को संविधान में मान्यता मिली है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक संरक्षण और समावेशी शासन की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।
वर्तमान में मिज़ो भाषा स्कूलों, मीडिया और सार्वजनिक जीवन में प्रमुख रूप से उपयोग होती है, परन्तु राज्य के कानूनी ढाँचे में इसका आधिकारिक दर्जा नहीं है। आधिकारिक मान्यता से सरकारी दस्तावेज़ों, न्यायालयीन कार्यवाही और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में इसका प्रयोग सरल होगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए भाषा का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
सरकार ने एक कार्ययोजना प्रस्तुत की है, जिसमें विधेयक का मसौदा तैयार करना, भाषा विशेषज्ञों से परामर्श करना और राज्य विधानसभा की स्वीकृति प्राप्त करना शामिल है। इस प्रस्ताव को सांस्कृतिक संगठनों से सराहना मिली है, जबकि कुछ हितधारक कार्यान्वयन की समयसीमा और संसाधन आवंटन के विवरण का इंतज़ार कर रहे हैं।
यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो मिज़ोरम उन कुछ भारतीय राज्यों में शामिल हो जाएगा जिनकी क्षेत्रीय भाषा को संविधान में मान्यता मिली है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक संरक्षण और समावेशी शासन की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।