📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GeoEvan (www.polgeonow.com)
अपराध
मिज़ोरम में इलेक्ट्रो‑शॉक, जहर और अवैध बिक्री से मछली पकड़ने पर कड़ी कार्रवाई
✍️ Hub News
🗓 07 नव. 2026, 05:30 PM
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मिज़ोरम ने मछली पकड़ने पर प्रतिबंध तोड़ने वाले इलेक्ट्रो‑शॉक, नदी के जहर और अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है।
मिज़ोरम के राज्य अधिकारियों ने हाल ही में लागू मछली पकड़ने पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले अवैध तरीकों को रोकने के लिए कार्रवाई तेज़ कर दी है। जांच टीमों ने नदियों में इलेक्ट्रो‑शॉक उपकरण और रासायनिक जहर पाए, जिनका उपयोग मछलियों को मारने और पकड़ने के लिए किया जा रहा था, जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डालता है।
जांच में अवैध रूप से पकड़ी गई मछलियों की बिक्री भी उजागर हुई, जिससे कई लोगों को हिरासत में लिया गया और बड़ी मात्रा में मछली और बिक्री सामग्री जब्त की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंध तोड़ने वाले पर राज्य के वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कड़ी सज़ा दी जाएगी।
मछली पकड़ने पर प्रतिबंध का उद्देश्य मिज़ोरम की जलधाराओं में घटती मछली आबादी और जैव विविधता की रक्षा करना है, और अब इस पर अधिक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जनता से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि सतत मछली पकड़ने के लाभ सभी समुदायों को मिल सकें।
यह कार्रवाई राज्य सरकार की प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो अवैध मछली पकड़ने के खिलाफ शून्य सहनशीलता को दर्शाती है।
जांच में अवैध रूप से पकड़ी गई मछलियों की बिक्री भी उजागर हुई, जिससे कई लोगों को हिरासत में लिया गया और बड़ी मात्रा में मछली और बिक्री सामग्री जब्त की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंध तोड़ने वाले पर राज्य के वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कड़ी सज़ा दी जाएगी।
मछली पकड़ने पर प्रतिबंध का उद्देश्य मिज़ोरम की जलधाराओं में घटती मछली आबादी और जैव विविधता की रक्षा करना है, और अब इस पर अधिक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जनता से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि सतत मछली पकड़ने के लाभ सभी समुदायों को मिल सकें।
यह कार्रवाई राज्य सरकार की प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो अवैध मछली पकड़ने के खिलाफ शून्य सहनशीलता को दर्शाती है।