📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
राजनीति
मिज़ोरम के सीएम लालदुहॉमा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से रोड परियोजनाओं को तेज करने के लिए मुलाकात की
✍️ News On AIR
🗓 19 अग. 2026, 04:36 AM
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मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहॉमा ने केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से राज्य के प्रमुख सड़क परियोजनाओं को तेज करने हेतु चर्चा की।
मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहॉमा ने केंद्रीय राजमार्ग एवं राजपरिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ राज्य के प्रमुख सड़क परियोजनाओं को तेज करने के लिए बैठक की। इस चर्चा में लंबित अनुमोदनों को शीघ्रता से पूरा करने, केंद्र से वित्तीय सहायता जुटाने और दूरस्थ जिलों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राजमार्गों के निर्माण में आई बाधाओं को दूर करने पर ध्यान दिया गया।
दोनों नेताओं ने मिज़ोरम की आर्थिक प्रगति, पर्यटन और उत्तर‑पूर्वी भारत के साथ बेहतर जुड़ाव के लिए बुनियादी ढांचे की महत्ता पर बल दिया। गडकरी ने उत्तर‑पूर्वी सड़क विकास कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने की केंद्रीय सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, बशर्ते परियोजना प्रस्ताव आवश्यक मानकों को पूरा करें।
इस बैठक के बाद अयजल‑लुंगी हाईवे अपग्रेड और पड़ोसी राज्यों से सीमा सड़क जैसी परियोजनाओं को तेज करने की दिशा में कदम बढ़ेंगे। राज्य अधिकारियों ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर केंद्र को सौंपने का कार्य शुरू किया है।
स्थानीय ठेकेदारों और समुदाय प्रतिनिधियों को भी आगे की कार्यवाही में शामिल किया जाएगा, ताकि तेज़ी से कार्यान्वयन स्थानीय वास्तविकताओं और पर्यावरणीय मानदंडों के अनुरूप हो सके।
दोनों नेताओं ने मिज़ोरम की आर्थिक प्रगति, पर्यटन और उत्तर‑पूर्वी भारत के साथ बेहतर जुड़ाव के लिए बुनियादी ढांचे की महत्ता पर बल दिया। गडकरी ने उत्तर‑पूर्वी सड़क विकास कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने की केंद्रीय सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, बशर्ते परियोजना प्रस्ताव आवश्यक मानकों को पूरा करें।
इस बैठक के बाद अयजल‑लुंगी हाईवे अपग्रेड और पड़ोसी राज्यों से सीमा सड़क जैसी परियोजनाओं को तेज करने की दिशा में कदम बढ़ेंगे। राज्य अधिकारियों ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर केंद्र को सौंपने का कार्य शुरू किया है।
स्थानीय ठेकेदारों और समुदाय प्रतिनिधियों को भी आगे की कार्यवाही में शामिल किया जाएगा, ताकि तेज़ी से कार्यान्वयन स्थानीय वास्तविकताओं और पर्यावरणीय मानदंडों के अनुरूप हो सके।