📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / I.KEZIA
मनोरंजन
मिस यूनिवर्स इंडिया‑2026 केजिया लिज मेजो ने युवाओं से शिक्षा व लोकतंत्र को अपनाने का आह्वान किया
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 26 अग. 2026, 12:36 PM
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मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का खिताब जीतने के बाद केजिया लिज मेजो ने युवाओं को शिक्षा, लोकतांत्रिक भागीदारी और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर प्रकाश डाला।
जयपुर, राजस्थान – नई मिस यूनिवर्स इंडिया‑2026 केजिया लिज मेजो ने अपने खिताब का उपयोग युवा वर्ग से सीधे संवाद करने के लिए किया। अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही एक जागरूक नागरिक वर्ग की नींव है, जो लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाता है।
मेयो ने कहा कि लोकतांत्रिक भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं है; यह सामुदायिक पहल, आलोचनात्मक सोच और राष्ट्र की प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़ी है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का कर्तव्य मानने का आग्रह किया।
विभिन्न भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय विविधताओं के बीच एकता के महत्व को उन्होंने दोहराया, यह कहा कि एकजुट समाज ही चुनौतियों का सामना कर अवसरों को पकड़ सकता है। उनका संदेश उपस्थित दर्शकों, विशेषकर छात्रों और प्रथम बार मतदाता, के साथ गूंजा।
जयपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता का समापन मेजो की जीत के साथ हुआ, पर उनका बयान यह संकेत देता है कि वह अपने खिताब को शैक्षिक सुधार और युवा लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के सामाजिक कार्यों में लगाना चाहती हैं।
शिक्षा NGOs और युवा संगठनों ने उनके इस दृष्टिकोण का स्वागत किया है और संभावित सहयोग की आशा जताई है, जिससे उनका आह्वान व्यावहारिक कार्यक्रमों में बदल सके।
मेयो ने कहा कि लोकतांत्रिक भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं है; यह सामुदायिक पहल, आलोचनात्मक सोच और राष्ट्र की प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़ी है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का कर्तव्य मानने का आग्रह किया।
विभिन्न भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय विविधताओं के बीच एकता के महत्व को उन्होंने दोहराया, यह कहा कि एकजुट समाज ही चुनौतियों का सामना कर अवसरों को पकड़ सकता है। उनका संदेश उपस्थित दर्शकों, विशेषकर छात्रों और प्रथम बार मतदाता, के साथ गूंजा।
जयपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता का समापन मेजो की जीत के साथ हुआ, पर उनका बयान यह संकेत देता है कि वह अपने खिताब को शैक्षिक सुधार और युवा लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के सामाजिक कार्यों में लगाना चाहती हैं।
शिक्षा NGOs और युवा संगठनों ने उनके इस दृष्टिकोण का स्वागत किया है और संभावित सहयोग की आशा जताई है, जिससे उनका आह्वान व्यावहारिक कार्यक्रमों में बदल सके।