📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Minority Affairs
धर्म
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब के डीजी को सिख युवक के विरुद्ध पुलिस उत्पीड़न के मामले में बुलाया
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 09 अक्टू. 2026, 03:46 PM
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राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब के डीजी को 14 अक्टूबर को पेश होने का आदेश दिया, क्योंकि सिख युवक मोहनजीत सिंह शेरों के खिलाफ पुलिस हिरासत में उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप हैं।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सिख युवक मोहनजीत सिंह शेरों के विरुद्ध पुलिस हिरासत में उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोपों को गंभीरता से लिया है। इस शिकायत के जवाब में आयोग ने पंजाब के पुलिस निदेशक (डीजी) को 14 अक्टूबर को पेश होने का नोटिस जारी किया है।
शेरों के प्रतिनिधियों ने बताया कि पुलिस ने बिना उचित कारण के उन्हें हिरासत में रखा और जबरन पूछताछ की, जिससे उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ। आयोग ने कहा कि यह मामला अल्पसंख्यक अधिकारों के उल्लंघन और सिख धर्म की भावनाओं के अपमान की जाँच के योग्य है।
आयोग की यह तलब दर्शाती है कि वह उन मामलों की जांच करेगा जहाँ अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को खतरा माना जाता है। डीजी को पुलिस की कार्रवाई, किसी भी आंतरिक जांच और भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के उपायों का विस्तृत विवरण देना होगा।
14 अक्टूबर को निर्धारित सुनवाई में आयोग सबूतों की समीक्षा करेगा, शिकायतकर्ता और पुलिस दोनों के बयान सुनेगा और आवश्यक उपायों का निर्णय लेगा। इस चरण में अभी तक किसी परिणाम की घोषणा नहीं की गई है।
शेरों के प्रतिनिधियों ने बताया कि पुलिस ने बिना उचित कारण के उन्हें हिरासत में रखा और जबरन पूछताछ की, जिससे उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ। आयोग ने कहा कि यह मामला अल्पसंख्यक अधिकारों के उल्लंघन और सिख धर्म की भावनाओं के अपमान की जाँच के योग्य है।
आयोग की यह तलब दर्शाती है कि वह उन मामलों की जांच करेगा जहाँ अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को खतरा माना जाता है। डीजी को पुलिस की कार्रवाई, किसी भी आंतरिक जांच और भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के उपायों का विस्तृत विवरण देना होगा।
14 अक्टूबर को निर्धारित सुनवाई में आयोग सबूतों की समीक्षा करेगा, शिकायतकर्ता और पुलिस दोनों के बयान सुनेगा और आवश्यक उपायों का निर्णय लेगा। इस चरण में अभी तक किसी परिणाम की घोषणा नहीं की गई है।