📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Food Processing Industries
राजनीति
आरक्षण समीक्षा पर चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी व बेटे से इस्तीफा मांगा
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 29 अग. 2026, 04:37 PM
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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण समीक्षा को लेकर बिहार के मंत्री जीतन राम मांझी और उनके बेटे से इस्तीफा माँगा है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण समीक्षा को लेकर उठे विवाद को तीव्र कर दिया, जब उन्होंने बिहार के मंत्री जीतन राम मांझी और उनके बेटे से इस्तीफा माँगा। आरक्षण मुद्दे पर मुखर रहने वाले पासवान ने कहा कि इस जोड़ी की स्थिति सरकार की सुधार योजना को कमजोर करती है।
यह मांग नई दिल्ली में एक प्रेस इंटरव्यू के दौरान की गई, जहाँ पासवान ने मांझी पर अपने बेटे को जांच से बचाने के लिए राजनैतिक प्रभाव का प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण नीति में कोई भी विचलन अस्वीकार्य है।
जितन राम मांझी, जो जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और एनडीए गठबंधन के अहम सदस्य हैं, ने अभी तक इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस इस्तीफा की मांग से गठबंधन पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर आरक्षण बहस में पहले से ही मतभेद मौजूद हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पासवान का कदम एनडीए की एकता को परख सकता है, क्योंकि दोनों नेताओं के बिहार में मजबूत समर्थन आधार हैं। इसका परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण सुधारों के कार्यान्वयन को प्रभावित कर सकता है।
कर्मचारी, सार्वजनिक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने पासवान की मांग पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, और यह मुद्दा संसद में निकटता से देखा जा रहा है।
यह मांग नई दिल्ली में एक प्रेस इंटरव्यू के दौरान की गई, जहाँ पासवान ने मांझी पर अपने बेटे को जांच से बचाने के लिए राजनैतिक प्रभाव का प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण नीति में कोई भी विचलन अस्वीकार्य है।
जितन राम मांझी, जो जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और एनडीए गठबंधन के अहम सदस्य हैं, ने अभी तक इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस इस्तीफा की मांग से गठबंधन पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर आरक्षण बहस में पहले से ही मतभेद मौजूद हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पासवान का कदम एनडीए की एकता को परख सकता है, क्योंकि दोनों नेताओं के बिहार में मजबूत समर्थन आधार हैं। इसका परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर आरक्षण सुधारों के कार्यान्वयन को प्रभावित कर सकता है।
कर्मचारी, सार्वजनिक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने पासवान की मांग पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, और यह मुद्दा संसद में निकटता से देखा जा रहा है।