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09 अक्टू. 2026•
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मानव तस्करी पर एमएचए ने चेहरा पहचान और साइबर निगरानी से नई कार्रवाई शुरू
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lev.Borisovitch
अपराध

मानव तस्करी पर एमएचए ने चेहरा पहचान और साइबर निगरानी से नई कार्रवाई शुरू

✍️ India.com 🗓 25 सित. 2026, 09:47 AM 👁 35
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भारत के गृह मंत्रालय ने मानव तस्करी रोकने के लिए चेहरा पहचान, साइबर निगरानी और त्वरित अलर्ट प्रणाली का उपयोग करने वाली नई पहल की घोषणा की।

नई दिल्ली – गृह मंत्रालय ने एक व्यापक मानव तस्करी विरोधी योजना का अनावरण किया है, जिसमें उन्नत चेहरा पहचान तकनीक, साइबर निगरानी प्लेटफ़ॉर्म और त्वरित अलर्ट तंत्र को जोड़ा गया है। यह प्रणाली प्रमुख शहरों के मौजूदा सीसीटीवी नेटवर्क को एक राष्ट्रीय डेटाबेस से जोड़ती है, जिससे पुलिस को संदेहास्पद तस्करों की पहचान और संभावित पीड़ितों को वास्तविक समय में चिन्हित करने में मदद मिलेगी।

इस योजना के तहत, राज्य पुलिस को ऐसा सॉफ़्टवेयर प्रदान किया जाएगा जो वीडियो फ़ीड को ज्ञात तस्कर प्रोफ़ाइल के साथ स्कैन कर सके और चेहरों को राष्ट्रीय वॉचलिस्ट से मिलान करे। साथ ही, साइबर इकाइयाँ ऑनलाइन विज्ञापनों, वर्गीकृत साइटों और सोशल मीडिया पर तस्करी से जुड़े संकेतों की निगरानी करेंगी और सीधे फील्ड टीमों को सूचना भेजेंगी।

मंत्रालय ने कहा है कि प्रणाली द्वारा उत्पन्न अलर्ट मिनटों में निर्धारित प्रतिक्रिया इकाइयों तक पहुंचाए जाएंगे, जिससे तेज़ बचाव और हस्तक्षेप संभव होगा। यह पहल वार्षिक अनुमानित 30,000 तस्करी मामलों को कम करने का लक्ष्य रखती है, जबकि प्रभाव को छह महीने के पायलट चरण के बाद मापा जाएगा।

पहला चरण पाँच राज्यों में पायलट के रूप में शुरू किया जाएगा, उसके बाद पूरी देश में विस्तार किया जाएगा। डेटा साझाकरण और गोपनीयता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों, निजी सुरक्षा कंपनियों और तकनीकी साझेदारों के सहयोग की अपील की गई है।
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