📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
राजनीति
मेघालय के पारंपरिक प्रमुखों ने केएचएसीडी ज़मीन बिल पर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की
✍️ shillongtoday.com
🗓 07 अग. 2026, 09:03 PM
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मेघालय के पारंपरिक प्रमुखों ने केएचएसीडी ज़मीन बिल पर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की, भूमि अधिकारों और समुदाय पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंताएँ जताईं।
केएचएसीडी ज़मीन बिल, जो खासी हिल्स एरिया डेवलपमेंट काउंसिल के भीतर भूमि उपयोग को नियंत्रित करने का प्रयास करता है, ने स्थानीय समुदायों में विवाद पैदा किया है।
विभिन्न खासी और जैन्तिया गांवों के पारंपरिक प्रमुखों ने चिंता व्यक्त की है कि यह बिल पारंपरिक भूमि स्वामित्व को कमजोर कर सकता है और आजीविका को बाधित कर सकता है।
इन प्रमुखों ने औपचारिक रूप से मेघालय के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की, बिल की समीक्षा और स्वदेशी भूमि अधिकारों के लिए सुरक्षा उपायों को शामिल करने का अनुरोध किया।
यह आह्वान बढ़ती चिंताओं के बीच आया है कि यह विधेयक वाणिज्यिक हितों को प्राथमिकता दे सकता है, जिससे जनजातीय आबादी के कल्याण पर असर पड़ेगा।
विभिन्न खासी और जैन्तिया गांवों के पारंपरिक प्रमुखों ने चिंता व्यक्त की है कि यह बिल पारंपरिक भूमि स्वामित्व को कमजोर कर सकता है और आजीविका को बाधित कर सकता है।
इन प्रमुखों ने औपचारिक रूप से मेघालय के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की, बिल की समीक्षा और स्वदेशी भूमि अधिकारों के लिए सुरक्षा उपायों को शामिल करने का अनुरोध किया।
यह आह्वान बढ़ती चिंताओं के बीच आया है कि यह विधेयक वाणिज्यिक हितों को प्राथमिकता दे सकता है, जिससे जनजातीय आबादी के कल्याण पर असर पड़ेगा।