📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aiban-03
अपराध
मेघालय हाई कोर्ट ने बाल यौन उत्पीड़न मामले में 24 साल की सजा को बरकरार रखा
✍️ Hub News
🗓 31 अक्टू. 2026, 04:10 PM
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मेघालय हाई कोर्ट ने बाल यौन उत्पीड़न के दोषी को 24 साल की सजा को बरकरार रखा, निचली अदालत के फैसले को पुनः पुष्टि की।
मेघालय के उच्च न्यायालय ने गुरुवार को बाल यौन उत्पीड़न के दोषी पर 24 साल की जेल की सजा को बरकरार रखा। यह आदेश निचली अदालत के फैसले को पुनः पुष्टि करता है, जिसमें विस्तृत जांच और मुकदमे के बाद आरोपी को सजा सुनाई गई थी।
उच्च न्यायालय का यह फ़ैसला नाबालिगों के मामलों में कठोर दंड के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे अपील के दौरान सजा में कमी नहीं आएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय पूर्वी भारत में बाल संरक्षण कानूनों के मौजूदा उदाहरणों को सुदृढ़ करता है और भविष्य में संभावित अपराधियों के लिए एक चेतावनी बन सकता है।
पीड़ित और आरोपी की पहचान गोपनीयता नियमों के तहत नहीं बताई गई है, ताकि बच्चे की सुरक्षा बनी रहे।
यह निर्णय विभिन्न राज्यों में बाल सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की चर्चा में भी उल्लेखित किया जाएगा।
उच्च न्यायालय का यह फ़ैसला नाबालिगों के मामलों में कठोर दंड के प्रति न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे अपील के दौरान सजा में कमी नहीं आएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय पूर्वी भारत में बाल संरक्षण कानूनों के मौजूदा उदाहरणों को सुदृढ़ करता है और भविष्य में संभावित अपराधियों के लिए एक चेतावनी बन सकता है।
पीड़ित और आरोपी की पहचान गोपनीयता नियमों के तहत नहीं बताई गई है, ताकि बच्चे की सुरक्षा बनी रहे।
यह निर्णय विभिन्न राज्यों में बाल सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की चर्चा में भी उल्लेखित किया जाएगा।