📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Narendra Modi
राजनीति
मेघालय सरकार और KSU ने श्री सीमेंट सार्वजनिक सुनवाई पर तथ्य-जांच प्रक्रिया शुरू करने पर समझौता किया
✍️ shillongtoday.com
🗓 26 अग. 2026, 11:17 PM
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मेघालय राज्य सरकार और KSU ने श्री सीमेंट के प्रोजेक्ट पर हालिया सार्वजनिक सुनवाई की जांच के लिए संयुक्त तथ्य‑जांच प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई है। यह जांच प्रक्रिया की वैधता और हितधारकों की चिंताओं को स्पष्ट करने के उद्देश्य से की जाएगी।
शिलॉंग, मेघालय – मेघालय सरकार के अधिकारियों और KSU के प्रतिनिधियों ने इस सप्ताह श्री सीमेंट के प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर आयोजित सार्वजनिक सुनवाई की तथ्य‑जांच के लिए सहयोगी मिशन को औपचारिक रूप से स्थापित किया। दोनों पक्षों ने कहा कि जांच यह सत्यापित करेगी कि सुनवाई ने कानूनी आवश्यकताओं का पालन किया या नहीं और किसी भी प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों को दर्ज किया जाएगा।
स्थानीय समूहों द्वारा सुनवाई की पारदर्शिता और पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन पर उठाए गए सवालों के बाद यह कदम उठाया गया है। स्वतंत्र जांच शुरू करके सरकार का उद्देश्य यह दिखाना है कि उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
KSU, जो क्षेत्रीय हितधारकों का प्रतिनिधित्व करता है, प्रभावित निवासियों के बयान एकत्र करेगा और फील्ड निरीक्षण करेगा, जबकि पर्यावरण एवं वन विभाग तकनीकी डेटा प्रदान करेगा। संयुक्त रिपोर्ट अगले छह हफ्तों में तैयार होने की संभावना है, जिसके बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
अभी तक कोई नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया है, परन्तु अधिकारियों ने कहा कि जांच के परिणाम भविष्य में राज्य में औद्योगिक परियोजनाओं की स्वीकृति को प्रभावित कर सकते हैं।
स्थानीय समूहों द्वारा सुनवाई की पारदर्शिता और पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन पर उठाए गए सवालों के बाद यह कदम उठाया गया है। स्वतंत्र जांच शुरू करके सरकार का उद्देश्य यह दिखाना है कि उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
KSU, जो क्षेत्रीय हितधारकों का प्रतिनिधित्व करता है, प्रभावित निवासियों के बयान एकत्र करेगा और फील्ड निरीक्षण करेगा, जबकि पर्यावरण एवं वन विभाग तकनीकी डेटा प्रदान करेगा। संयुक्त रिपोर्ट अगले छह हफ्तों में तैयार होने की संभावना है, जिसके बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
अभी तक कोई नीति परिवर्तन घोषित नहीं किया गया है, परन्तु अधिकारियों ने कहा कि जांच के परिणाम भविष्य में राज्य में औद्योगिक परियोजनाओं की स्वीकृति को प्रभावित कर सकते हैं।