📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Van1905
कृषि
मेघालय के मत्स्य अधिकारी तेज़ मछली मिलावट पहचान प्रशिक्षण प्राप्त
✍️ Hub News
🗓 25 सित. 2026, 07:17 PM
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मेघालय के मत्स्य अधिकारी मछली में मिलावट की तेज़ पहचान तकनीकों पर प्रशिक्षण लेकर राज्य में खाद्य सुरक्षा निगरानी को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
मेघालय के मत्स्य विभाग ने अपने अधिकारियों के लिए मछली में मिलावट की तेज़ पहचान तकनीकों पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। दो दिन के इस कार्यक्रम में पोर्टेबल परीक्षण किट और सरल प्रोटोकॉल सिखाए गए, जिससे फील्ड अधिकारी जल्दी और सटीक रूप से मछली की गुणवत्ता जाँच सकें।
प्रशिक्षण में सामान्य मिलावट पदार्थों जैसे हानिकारक रसायन, अनधिकृत प्रिज़र्वेटिव और कम गुणवत्ता वाली मछली प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई। व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से अधिकारियों को उपकरण चलाना, परिणाम समझना और उच्च प्राधिकारियों को रिपोर्ट करना सिखाया गया।
यह कदम राज्य में खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों को रोकने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है, विशेषकर ग्रामीण और तटीय बाजारों में जहाँ मछली मुख्य आहार है। अधिकारियों का मानना है कि नई क्षमताएँ तेज़ कार्यवाही को संभव बनाएँगी और असुरक्षित मछली के प्रसार को कम करेंगे।
भविष्य में मत्स्य विभाग समान प्रशिक्षण को अन्य जिलों में भी लागू करने और नियमित निरीक्षण में तेज़ परीक्षण को शामिल करने की योजना बना रहा है, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन और बेहतर हो सके।
प्रशिक्षण में सामान्य मिलावट पदार्थों जैसे हानिकारक रसायन, अनधिकृत प्रिज़र्वेटिव और कम गुणवत्ता वाली मछली प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई। व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से अधिकारियों को उपकरण चलाना, परिणाम समझना और उच्च प्राधिकारियों को रिपोर्ट करना सिखाया गया।
यह कदम राज्य में खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों को रोकने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है, विशेषकर ग्रामीण और तटीय बाजारों में जहाँ मछली मुख्य आहार है। अधिकारियों का मानना है कि नई क्षमताएँ तेज़ कार्यवाही को संभव बनाएँगी और असुरक्षित मछली के प्रसार को कम करेंगे।
भविष्य में मत्स्य विभाग समान प्रशिक्षण को अन्य जिलों में भी लागू करने और नियमित निरीक्षण में तेज़ परीक्षण को शामिल करने की योजना बना रहा है, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन और बेहतर हो सके।