📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Johnchhana
शिक्षा
मेघालय ने 75 खासी‑जैंटिया व गारो छात्रों की जड़ें खोजने के लिये 20 करोड़ रुपये आवंटित किए
✍️ Syllad
🗓 19 अग. 2026, 11:33 AM
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मेघालय सरकार ने 75 खासी‑जैंटिया और गारो छात्राविद्यों की जनजातीय जड़ें खोजने के लिये 20 करोड़ रुपये आवंटित किए।
राज्य के अधिकारियों ने घोषणा की कि 20 करोड़ रुपये का कोष 75 खासी, जैंटिया और गारो समुदायों के छात्रों की जनजातीय जड़ों की पहचान के लिये उपयोग किया जाएगा। शिलॉंग में शुरू किया गया यह पहल इन मूलनिवासी समूहों की सांस्कृतिक धरोहर को दस्तावेज़ीकरण और संरक्षण करने के साथ‑साथ छात्राविद्यों की शैक्षणिक यात्रा को समर्थन देती है।
छात्राविद्यों को राज्य‑प्रायोजित छात्रवृत्ति मिली है और उनका वंशावली अनुसंधान स्थानीय इतिहासकारों और जनजातीय बुजुर्गों के सहयोग से किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य समुदाय की पहचान को सुदृढ़ करना और मेघालय के उच्च शिक्षा वर्ग की जनसांख्यिकीय संरचना को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना है।
कार्यान्वयन की देखरेख राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा की जाएगी, जो फील्ड सर्वेक्षण, अभिलेखीय कार्य और आवश्यकतानुसार डीएनए‑आधारित सत्यापन को समन्वित करेगा। विभाग ने कहा है कि प्रारंभिक चरण अगले बारह महीनों में पूरा हो जाएगा, जिसके बाद परिणामों को सार्वजनिक डेटाबेस में उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारी बताते हैं कि यह प्रयास व्यापक सांस्कृतिक संरक्षण नीतियों के अनुरूप है और अन्य राज्यों के लिये भी जनजातीय विरासत को शैक्षिक योजना में सम्मिलित करने का मॉडल बन सकता है।
छात्राविद्यों को राज्य‑प्रायोजित छात्रवृत्ति मिली है और उनका वंशावली अनुसंधान स्थानीय इतिहासकारों और जनजातीय बुजुर्गों के सहयोग से किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य समुदाय की पहचान को सुदृढ़ करना और मेघालय के उच्च शिक्षा वर्ग की जनसांख्यिकीय संरचना को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना है।
कार्यान्वयन की देखरेख राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा की जाएगी, जो फील्ड सर्वेक्षण, अभिलेखीय कार्य और आवश्यकतानुसार डीएनए‑आधारित सत्यापन को समन्वित करेगा। विभाग ने कहा है कि प्रारंभिक चरण अगले बारह महीनों में पूरा हो जाएगा, जिसके बाद परिणामों को सार्वजनिक डेटाबेस में उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारी बताते हैं कि यह प्रयास व्यापक सांस्कृतिक संरक्षण नीतियों के अनुरूप है और अन्य राज्यों के लिये भी जनजातीय विरासत को शैक्षिक योजना में सम्मिलित करने का मॉडल बन सकता है।