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पासपोर्ट पर विदेश मंत्रालय की टिप्पणी से नागरिकता पर छिड़ी बहस
📷 चित्र स्रोत: The New Indian Express (via NewsData)
देश

पासपोर्ट पर विदेश मंत्रालय की टिप्पणी से नागरिकता पर छिड़ी बहस

✍️ The New Indian Express 🗓 28 जून 2026, 05:47 AM 👁 34
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विदेश मंत्रालय (MEA) के इस बयान ने कि 'पासपोर्ट कभी भी नागरिकता का प्रमाण नहीं रहा है', एक महत्वपूर्ण बहस छेड़ दी है। इस विवाद ने इस बड़ी नीतिगत कमी को भी उजागर किया है कि भारत जन्म से सभी नागरिकों को सार्वभौमिक नागरिकता प्रमाण पत्र जारी नहीं करता है।

विदेश मंत्रालय (MEA) की एक हालिया टिप्पणी, जिसमें कहा गया है कि पासपोर्ट को कभी भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया है, ने राष्ट्रव्यापी एक महत्वपूर्ण बहस छेड़ दी है। इस बयान ने आधिकारिक दस्तावेजों की वैधता और उद्देश्य के आसपास की चर्चाओं को सामने ला दिया है।

यह विवाद भारत के भीतर नागरिकता दस्तावेज़ीकरण से संबंधित एक व्यापक नीतिगत मुद्दे को भी उजागर करता है। कई अन्य देशों के विपरीत, भारत जन्म से नागरिक सभी व्यक्तियों को एक सार्वभौमिक नागरिकता प्रमाण पत्र जारी नहीं करता है। एक मानकीकृत दस्तावेज की यह कमी नीतिगत चर्चा का विषय रही है।

यह स्थिति इस बात पर सवाल उठाती है कि भारत में नागरिकता कैसे स्थापित और सत्यापित की जाती है, खासकर पासपोर्ट की स्थिति पर विदेश मंत्रालय के स्पष्टीकरण को देखते हुए। हितधारकों द्वारा वर्तमान दस्तावेज़ीकरण प्रणाली के निहितार्थों की जांच करने के साथ ही इस बहस के जारी रहने की उम्मीद है।
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